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प्रदेश में बेलगाम है अफसरशाही, सदन में उठाएंगे मुद्दा: अग्निहोत्री

Thu, 09 Aug 2018 05:58 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंबा
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विधानसभा में नेता विपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने अफसरशाही पर विधानसभा उपाध्यक्ष पद की गरिमा को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया। कहा कि विस उपाध्यक्ष का पद किसी पार्टी का नहीं, बल्कि सदन का महत्वपूर्ण पद है।

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जिस तरह एक अफसर ने पिछले दिनों प्रोटोकॉल को ठेंगा दिखाकर इस पद की गरिमा को ठेस पहुंचाई, उसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। विस उपाध्यक्ष इस अफसर को माफ कर भी दें, कांग्रेस फिर भी मामले को सदन में उठाने वाली है। उन्होंने कहा कि जब से प्रदेश में जयराम सरकार बनी है, अफसरशाही की मनमानी बढ़ गई है। अफसर सांविधानिक पदों का भी ख्याल नहीं रख रहे। 

अग्निहोत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार बीपीएल परिवार के लिए पहले से तय मानकों को बदलकर अपनी मनमानी कर रही है। 2500 रुपये से कम आय वाले परिवार ही बीपीएल में शामिल किए जाएंगे। इसके अलावा बीपीएल परिवारों को मनरेगा में दिहाड़ी लगानी होगी।
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इस प्रकार की शर्तें प्रदेश सरकार बीपीएल के लिए रख रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के विरोध के चलते प्रदेश सरकार ने एफिडेविट की शर्त को वापस ले लिया है। हाईकोर्ट सरकार को कई मसलों पर फटकार लगा चुका है। प्रदेश सरकार के विस उपाध्यक्ष जिला प्रशासन के खिलाफ रोष व्यक्त कर रहे हैं। इससे पता चलता है कि सरकार के आगे अफसरशाही कितनी हावी हो चुकी है।

बीपीएल पर भाजपा का एक और खेल- कांग्रेस विधायक दल के नेता मुकेश अग्निहोत्री ने बीपीएल परिवारों पर दो माह में नीति के बदलाव पर सरकार को आड़े हाथों लिया। वीरवार को जारी बयान में मुकेश ने कहा कि बीपीएल परिवारों को बाहर करने के लिए जयराम सरकार ने नीति बनाई और तानाशाही आदेश जारी किया।

इसका कांग्रेस ने विरोध किया। सरकार इन आरोपों को गुमराह करने वाला बताती रही, लेकिन अब स्वयं सरकार और ग्रामीण विकास मंत्री इन्हें सच मान रहे हैं। कांग्रेस बीपीएल के मसले पर जनता के बीच जाकर आंदोलन करेगी, इसी डर से तहसीलदार से एफिडेविट की शर्तों को हटाकर सादे कागज पर परिवार के मुखिया से हलफनामा देने को कहा गया है।

कहा कि भाजपा सरकार ऐसी नीति से प्रदेश के 2,83,370 बीपीएल परिवारों के विरुद्ध हलफनामे का षड्यंत्र रचकर आने वाले समय में करीब दो लाख बीपीएल परिवारों को बाहर करने का खेल खेलेगी।

कांग्रेस के विरोध के चलते सरकार को एफिडेविट से कदम पीछे खींचने पड़े हैं। कहा कि बीपीएल में गरीब परिवार शामिल हों, इसके लिए ग्राम सभाएं अधिकृत हैं। निरंतर इसमें नए लोग जुड़ते रहते हैं। ग्राम सभा के माध्यम से सूचियां अपडेट होती रहती हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस बीपीएल के मुद्दे को विस में उठाएगी।

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