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आशा कुमारी को फिर दी जा सकती है बड़ी जिम्मेवारी

Sun, 13 Sep 2020 01:38 PM IST
अरविन्द ठाकुर अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
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आशा कुमारी (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
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पंजाब और चंडीगढ़ के कांग्रेस प्रभार से हटाए जाने के बाद पूर्व मंत्री आशा कुमारी को हाईकमान को बड़ी जिम्मेवारी दी है। आशा कुमारी प्रभारी रहते हुए कांग्रेस वर्किंग कमेटी भी सदस्य रह चुकी है। वह कई अन्य राज्यों की भी सहप्रभारी रह चुकी है। वर्तमान में वह डलहौजी की विधायक हैं, इसके अलावा उनके पास कोई खास जिम्मेवारी दी जा सकती है।

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माना जा रहा है कि उन्हें अब फिर खास दायित्व दिया जा सकता है। इसे प्रदेश में या भी केंद्रीय स्तर पर  दिया जा सकता है। 2022 के विधानसभा चुनाव भी धीरे-धीरे नजदीक आते जा रहे हैं। प्रदेश में प्रभारी भी बदल चुके हैं और सभी गुटों को पाटने के लिए मशहूर और चुनावी प्रबंधन के लिए पूर्व केंद्रीय मंत्री राजीव शुक्ला को यह दायित्व भी मिशन 2022 को लक्षित कर सौंपा गया है।

ऐसे में प्रदेश में और भी बदलाव भी संभावित है। आशा के पंजाब में प्रभारी रहते हुए कांग्रेस सत्ता में आई। ऐसे में उनके खिलाफ ऐसी कोई बात भी नहीं है कि जिससे उन्हें हटाए जाने के पीछे कोई दूसरी वजह है। वह छह साल से यह प्रभार देख रही थीं तो इससे उनका मुक्त होना स्वाभाविक माना जा रहा है। पर इसे अगली किसी बड़ी जिम्मेवारी के संकेत के तौर पर भी देखा जा रहा है।
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आशा कुमारी के पूर्व में वीरभद्र सिंह के साथ थी संबंध खराब रह चुके हैं, मगर वर्तमान में उनके संबंध सामान्य और अच्छे हैं। उनके मुकेश अग्निहोत्री और राज्यों के अन्य नेताओं के साथ भी ठीक संबंध हैं।

सभी के साथ चलने में माहिर हैं शुक्ला
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस प्रभारी और पूर्व केंद्रीय मंत्री राजीव शचुक्ला 2017 के चुनाव के दौरान हिमाचल में ड्यूटी  दे चुके हैं। बताते हैं कि केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद से पारिवारिक संबंध हैं और केंद्रीय राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर से बीसीसीआई कनेक्शन भी है। दूसरी और, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के विश्वसनीयों में राजीव शुक्ला का नाम भी शामिल है।

बताते हैं कि संसद के मानसून सत्र  के बाद एआईसीसी सचिवों को भी फेंटने की तैयारी की जा रही है। वर्तमान में प्रदेश से दो एआईसीसी सचिव बनाए हुए है। जम्मू-कश्मीर के लिए पूर्व मंत्री सुधीर शर्मा को प्रभार सौंपा हुआ है। इनके अलावा एआईसीसी सचिव राजेश धर्माणी को उत्तराखंड का दायित्व दिया गया था। इन दोनों ही राज्यों के प्रभारी बदले जा चुके हैं।

माना जा रहा है कि अगर सचिवों को बदला जाएगा तो हाईकमान इनका नंबर भी लगा सकता है। प्रदेश कांग्रेस की पूर्व प्रभारी रजनी पाटिल के साथ गुरकीरत कोटली को सचिव और सह प्रभारी लगाया हुआ था। रजनी पाटिल को जम्मू कश्मीर का प्रभारी लगाने के बाद सचिव गुरकीरत को भी हटाया जा सकता है।

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