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पीलिया पर घिरी सरकार, कांग्रेस ने भी उठाए सवाल

Mon, 22 Feb 2016 08:34 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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राजधानी शिमला में पीलिया को नियंत्रण से बाहर मानते हुए अब कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने अपनी सरकार को पीलिया से निपटने के लिए पुख्ता कदम उठाने की बात कही है। सुक्खू ने कहा है कि पार्टी प्रदेशाध्यक्ष होने के नाते उनका कर्तव्य है कि वे सरकार को इस संबंध में उचित कदम उठाने को कहें।
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इस संदर्भ में सुक्खू ने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को एक पत्र भी भेजा है। इस पत्र की एक प्रति आईपीएच मंत्री विद्या स्टोक्स को भी भेजी है। कांग्रेस के मीडिया विभाग के अध्यक्ष नरेश चौहान ने इसकी पुष्टि की है। पत्र में लिखा है कि राज्य सरकार पीने के पानी की समस्या को गंभीरता से ले। दूषित पेयजल की इस समस्या की रोकथाम के लिए गंभीर कदम उठाए जाने की जरूरत है।

कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष नरेश चौहान ने कहा कि कांग्रेस पार्टी समय-समय पर सरकार के ध्यान में जनहित के ऐसे मुद्दों को लाती रही है। इसी क्रम में कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने सीएम और आईपीएच मंत्री को ये पत्र लिखा है। उम्मीद है कि पीलिया को जल्द नियंत्रित कर लिया जाएगा।
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राठौर बोले, पीलिया को रोकने के सरकार के प्रयास नाकाफी
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य एवं अधिवक्ता कुलदीप सिंह राठौर ने पीलिया को रोकने के सरकार के प्रयासों को नाकाफी बताते हुए अपनी सरकार को ही निशाने पर ले लिया है। उन्होंने हिमाचल प्रदेश बार एसोसिएशन की पीलिया को महामारी घोषित करने की मांग का समर्थन किया है।

राठौर ने कहा कि दिन-प्रतिदिन मृतकों की संख्या बढ़ती जा रही है। राज्य सरकार को इस पर पूरा ध्यान देना चाहिए। अभी तक इस संबंध में किए जा रहे प्रयास अपर्याप्त हैं। गर्मियों का सीजन आ रहा है। राज्य सरकार को पेयजल की वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए।

आईपीएच महकमे के पास टैंकर तक नहीं हैं। ये नए खरीदे जाने चाहिए या बाहर से मंगवाए जाने चाहिए। इस संबंध में दूरगामी योजना को कार्यान्वित करने की जरूरत है। लोगों को स्वच्छ पेयजल दिलाना सरकार की प्राथमिकता में होना चाहिए।
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