पूर्व मंत्री जीएस बाली (फाइल फोटो)
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हिमाचल प्रदेश के वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पूर्व मंत्री जीएस बाली वीरभद्र सरकार में बहुत ही चुस्त मंत्री रहे। वह हंसमुख थे, मगर अपना विभागीय काम लड़कर भी करवाने में कभी पीछे नहीं रहते थे। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से उनकी कई बार तनातनी रही। वह अपनी बात मनवाने के लिए कई बार कैबिनेट की बैठकों में सीएम से भिड़ जाते थे।
हालांकि उनके वीरभद्र से संबंध हमेशा खट्टे-मीठे रहे। वीरभद्र सिंह के बाद की सेकेंड लाइन में बाली कांग्रेस सरकार में मुख्यमंत्री पद पाने के लिए भी रेस में रह चुके हैं। बताते हैं कि बाली डायबिटीज से भी पीड़ित थे। मंत्री रहते वह अपने चैंबर में कई बार इंसुलिन के इंजेक्शन खुद ही पेट में लगाते थे। पिछली बार जीएस बाली विधानसभा चुनाव हार गए थे। हाल ही में जीएस बाली का एक होर्डिंग काफी विवादों में रहा था। इसमें बाली ने वीरभद्र का फोटो नहीं लगवाया था।
ऐसे होर्डिंग पूरे प्रदेश में लगवाए गए थे। वीरभद्र सरकार में उनके पास परिवहन और खाद्य आपूर्ति जैसे महकमे रहे। उन्होंने इन विभागों में कई महत्वपूर्ण कार्य किए। बतौर परिवहन मंत्री कंडक्टर भर्ती के विवाद का भी उन्होंने सामना किया। जीएस बाली की अफसरशाही पर बहुत मजबूत पकड़ थी और वह सबको कसकर रखते थे। उनके बेटे रघुवीर बाली भी युवा कांग्रेस के नेता रहे हैं। वह प्रदेश कांग्रेस के भी सचिव रहे हैं। नगरोटा बगवां में जीएस बाली के बाद वह उनके वारिस हो सकते हैं।