भाजपा पार्षदों में चल रही खींचतान का फायदा उठाते हुए सोमवार को कांग्रेस के कई पार्षदों ने बाकायदा लिखित में आरती चौहान को अपना समर्थन देने का ऐलान किया है। समर्थन देने वालों में कांग्रेसी पार्षद राकेश चौहान, सिमी नंदा, सुषमा कुठियाला, दिवाकर शर्मा और अर्चना धवन शामिल हैं।
इनके अलावा बाकी कांग्रेसी पार्षदों का समर्थन भी आरती को देने का दावा किया जा रहा है। सोमवार को नगर निगम कार्यालय पहुंचे कांग्रेसी पार्षदों ने डिप्टी मेयर का इस्तीफा मांगा। कांग्रेसी पार्षदों का कहना है कि अविश्वास प्रस्ताव आने के बाद कांग्रेस डिप्टी मेयर पद के लिए अपना उम्मीदवार नहीं देगी।
कांग्रेस आरती को डिप्टी मेयर पद के लिए समर्थन देने को तैयार है। इस दौरान पार्षद आरती चौहान खुद भी मौजूद रहीं। कांग्रेस का यह भी दावा है कि मेयर पद के लिए भी पार्टी अपना उम्मीदवार नहीं देगी। शहर को ऐसा मेयर दिया जाए तो जनता के बीच रहकर समस्याएं सुलझा
आरती चौहान इंजनघर वार्ड से भाजपा के टिकट पर चुनाव जीतीं थी। महापौर के चीन दौरे के खिलाफ भी आरती ने मोर्चा खोला था। पेयजल संकट के दौरान अपनी ही सरकार के खिलाफ धरने पर बैठने वाली आरती इकलौती भाजपा पार्षद थी।
उप-महापौर बनने के लिए आरती को कम से कम 18 पार्षदों का समर्थन चाहिए। यदि कांग्रेस, माकपा के सभी पार्षद वोट देते हैं तो खुद को मिलाकर कुल 16 वोट उन्हें मिल जाएंगे। वहीं, वर्तमान व्यवस्था से भाजपा के कई पार्षद पहले ही नाराज है।
वोटिंग की नौबत आई तो उन्हें बहुमत मिल सकता है। लेकिन ये तभी संभव है जब कांग्रेस अपना उम्मीदवार न दें। पिछली बार कांग्रेस ने आनंद कौशल को अपना डिप्टी मेयर पद का उम्मीदवार बनाया था।
कांग्रेस मेयर और डिप्टी मेयर पद के लिए अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए बहुमत तैयार कर रही है। अब तक 16 पार्षद अविश्वास प्रस्ताव पर हस्ताक्षर कर चुके हैं। कांग्रेस को सिर्फ दो पार्षदों की जरूरत है। आरती को समर्थन देकर कांग्रेस उनसे मेयर को हटाने के लिए भी मदद ले सकती है।
कांग्रेस प्रवक्ता नरेश चौहान ने कहा कि पहली बार शिमला की जनता ने भाजपा को बहुुमत देकर नगर निगम भेजा। लेकिन पानी को लेकर भाजपा ने शहर की जनता को जिस तरह से तरसाया गया वह सबके सामने है। भाजपा के ही पार्षद अपने मेयर के खिलाफ धरना प्रदर्शन कर चुके हैं और हटाने की मांग कर चुके हैं।
मेयर और डिप्टी मेयर पूरी तरह से फेल हुए हैं यह भाजपा के ही पार्षद कह रहे हैं। समीकरण तेजी से बदलते जा रहे हैं अविश्वास प्रस्ताव आने की स्थिति में कांग्रेस का क्या कदम रहेगा इसका खुलासा आने वाले दिनों में कर दिया जाऐगा।