कॉलेजों में पढ़ाई करने की व्यवस्था को भी नई नीति के तहत बदला जाएगा। इसके तहत विद्यार्थी कभी पढ़ाई छोड़ सकेंगे और दोबारा शुरू कर सकेंगे। तीन साल तक पढ़ाई करने वालों को डिग्री, दो साल पढ़ने वालों को डिप्लोमा और एक साल पढ़ने वाले को सर्टिफिकेट मिलेगा।
बीएड भी चार साल की होगी। कॉलेजों में फर्स्ट ईयर से ही एजूकेशन विषय होगा। तीन साल कॉलेज की पढ़ाई समाप्त करने के बाद एक साल की बीएड में पीजी होगी। नई नीति के तहत एमफिल खत्म कर सीधे पीएचडी होगी।