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सीबीआई को टैक्सी में घुमाया, दो साल से नहीं दिया 64 हजार भाड़ा

Sat, 19 Oct 2019 11:52 AM IST
अरविन्द ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Social media
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बहुचर्चित गुड़िया दुष्कर्म एवं हत्या प्रकरण की जांच के लिए आई सीबीआई टीम के लिए शिमला पुलिस ने किराये पर लीं चार टैक्सियों का भाड़ा दो साल से नहीं भरा है। चार टैक्सियाें का 64 हजार रुपये भाड़ा लेने के लिए टूअर एंड ट्रैवल मालिक एसपी और उपायुक्त कार्यालय के चक्कर काट रहा है।

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थक-हारकर शिकायतकर्ता अंकित भारद्वाज ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर समस्या बताई। यहां से भी न समस्या का समाधान हुआ और न ही भुगतान। सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत करने के बाद उन्हें एसपी कार्यालय में एक बार फिर बुलाया गया। अंकित ने खुद ही कार्यालय में पड़ी फाइल खोजी और एसपी शिमला के समक्ष मामला रखा। सीएम हेल्पलाइन पर अंकित ने 64485 शिकायत नंबर के तहत अपनी समस्या उठाई थी।

अंकित का कहना है कि एसपी कार्यालय से उन्हें उपायुक्त दफ्तर और उपायुक्त कार्यालय से एसपी दफ्तर भेजा जा रहा है। दो साल बाद भी उन्हें अपने पैसे लेने के लिए भटकना पड़ रहा है। अंकित ने बताया कि सीएम हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत के बाद सचिव जीएडी ने जिला प्रशासन को भुगतान करने को यह कहकर आदेश दिए कि टैक्सी की व्यवस्था जिला प्रशासन और जिला पुलिस ने की थी तो भुगतान भी उन्हें ही करना होगा।

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थाना सदर से आए कॉल पर उपलब्ध करवाई थी टैक्सी

अंकित भारद्वाज ने कहा कि सदर थाने से एसएचओ संजीव गौतम का फोन आने पर सीबीआई और मामले की जांच कर रही टीम के लिए चार गाड़ियां शिमला से दिल्ली और दिल्ली से शिमला के लिए बुक की गई थीं। टैक्सियां यह कहकर भेजने को कहा गया था कि इसका भुगतान बिल देने पर एसपी शिमला कार्यालय से कर दिया जाएगा। उनके मुताबिक 28 अगस्त और तीन सितंबर को दो इनोवा गाड़ियां दिल्ली और दिल्ली से वापस शिमला आने और जाने के लिए भेजी गई थीं। 

जीएडी को भेज दिया था मामला : उपायुक्त
उपायुक्त शिमला अमित कश्यप ने कहा कि सीबीआई टीम को टैक्सी एसपी कार्यालय ने मुहैया करवाई थी। उनके पास यह मामला आया था, जिसे अगली कार्रवाई के लिए सामान्य प्रशासन को भेजा था। उधर, एसपी शिमला ओमापति जमवाल ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन का मामला आया है। इसे देखने के बाद ही कुछ बता पाऊंगा। चूंकि, दो साल पहले मैं यहां नहीं था।
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