अंकित भारद्वाज ने कहा कि सदर थाने से एसएचओ संजीव गौतम का फोन आने पर सीबीआई और मामले की जांच कर रही टीम के लिए चार गाड़ियां शिमला से दिल्ली और दिल्ली से शिमला के लिए बुक की गई थीं। टैक्सियां यह कहकर भेजने को कहा गया था कि इसका भुगतान बिल देने पर एसपी शिमला कार्यालय से कर दिया जाएगा। उनके मुताबिक 28 अगस्त और तीन सितंबर को दो इनोवा गाड़ियां दिल्ली और दिल्ली से वापस शिमला आने और जाने के लिए भेजी गई थीं।
जीएडी को भेज दिया था मामला : उपायुक्त
उपायुक्त शिमला अमित कश्यप ने कहा कि सीबीआई टीम को टैक्सी एसपी कार्यालय ने मुहैया करवाई थी। उनके पास यह मामला आया था, जिसे अगली कार्रवाई के लिए सामान्य प्रशासन को भेजा था। उधर, एसपी शिमला ओमापति जमवाल ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन का मामला आया है। इसे देखने के बाद ही कुछ बता पाऊंगा। चूंकि, दो साल पहले मैं यहां नहीं था।