केंद्र सरकार की स्मार्ट सिटी योजना में शामिल होने के लिए हिमाचल के शहरों में प्रतियोगिता करवाई जाएगी। स्मार्ट सिटी योजना की गाइड लाइन को पूरा करने वाली सिटी का ही प्रपोजल स्मार्ट सिटी के लिए प्रदेश की ओर से केंद्र सरकार को भेजा जाएगा।
सरकार ने प्रदेश के सभी शहरी निकायों से एक माह के भीतर अपना-अपना रोड मैप देने को कहा है। इस संदर्भ में बुधवार को अतिरिक्त मुख्य सचिव (शहरी विकास विभाग) विनीत चौधरी की अध्यक्षता में बैठक हुई। बैठक में स्मार्ट सिटी को लेकर केंद्र से जारी की गई नई गाइडलाइन पर चर्चा हुई।
बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव ऊर्जा एसकेबीएस नेगी, विशेष सचिव आईटी प्रियंका वासु, निदेशक आईटी नंदिता गुप्ता, विशेष सचिव आईपीएच एसके कापटा, उपायुक्त शिमला दिनेश मल्होत्रा, नगर निगम शिमला के आयुक्त पंकज राय सहित अतिरिक्त उपायुक्त कांगड़ा और लोक निर्माण विभाग, बिजली बोर्ड, आईपीएच, आईटी, टीसीपी के कई अधिकारी शामिल हुए।
जल्द करवाई जाएगी प्रतियोगिता
अतिरिक्त मुख्य सचिव (शहरी विकास विभाग) विनीत चौधरी ने बताया है कि स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में शामिल करने के लिए प्रदेश के शहरों में स्पर्धा करवाई जाएगी। चयनित शहर का प्रपोजल केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। केंद्र सरकार से स्मार्ट सिटी की नई गाइडलाइंस मिली हैं। विभिन्न विभागों के साथ बैठक की गई।
धर्मशाला के आडे़ आई नई गाइडलाइन
धर्मशाला को स्मार्र्ट सिटी बनाने की राज्य सरकार ने कवायद चलाई थी, लेकिन केंद्र की ओर से नई गाइडलाइन आने के चलते प्रदेश के अन्य शहरों को भी अब खुद को साबित करने का मौका मिल गया है। एक देखना दिलचस्प होगा कि शहरों की प्रतियोगिता में प्रदेश का कौन सा शहर बाजी मारता है।
ये व्यवस्थाएं करनी होंगी
•24 घंटे पीने का पानी
•बिजली, यातायात सुविधा
•आईटी सेक्टर को कैसे सुदृढ़ करेंगे
•जनसमस्याएं सुलझाने के लिए क्या है योजना
•स्वच्छ भारत अभियान के तहत कितने शौचालय
•जेएनएनयूआरएम के तहत जारी राशि का कितना प्रयोग
•जेएनएनयूआरएम की योजनाओं का वर्तमान में क्या है स्टेटस
•वेतन देने की क्या है व्यवस्था