आयुक्त से मुलाकात कर कर्मचारियों ने किया नगर निगम में वापस बुलाने का आग्रह
170 से ज्यादा कर्मचारी कंपनी में हैं तैनात
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में पेयजल कंपनी को लेकर गरमाई सियासत के बीच आईपीएच के बाद अब नगर निगम के कर्मचारियों ने भी कंपनी से किनारा करने की तैयारी कर ली है।
नगर निगम में वापसी करने को लेकर इन कर्मचारियों का एक प्रतिनिधिमंडल हाल ही में निगम आयुक्त आशीष कोहली से मिला है। कर्मचारियों ने मांग की है कि नगर निगम उन्हें वापस बुलाए। वह कंपनी में काम नहीं करना चाहते। आरोप लगाया कि कंपनी में उनके साथ सौतेला व्यवहार हो रहा है। आउटसोर्स पर रखे कर्मचारी दफ्तर में बिठाए जा रहे हैं जबकि नियमित कर्मचारियों को फील्ड में दौड़ाया जा रहा है। पहले जो मीटर रीडर थे, उन्हें मीटर ढूंढने और दूसरे कामों में लगाया जा रहा है। कई कर्मचारियों को तो काम तक नहीं दे रहे। नगर निगम कर्मचारी यूनियन की अगुवाई में आयुक्त से मिले हैं, इन कर्मचारियों का दावा है कि ज्यादातर कर्मचारी निगम में वापस आना चाहते हैं। हालांकि, अभी निगम की ओर से इस पर कोई फैसला नहीं लिया है।
पेयजल कंपनी में इस समय नगर निगम के 170 से ज्यादा कर्मचारी काम कर रहे हैं। कंपनी कार्यालय, वार्ड दफ्तरों के अलावा कई कर्मचारी फील्ड में सेवाएं दे रहे हैं। कंपनी में जारी तनातनी और आउटसोर्स कर्मचारियों की बढ़ती संख्या के बीच नगर निगम कर्मचारी भी वापस निगम में आकर काम करने करना चाहते हैं।
कंपनी में बिगड़ रही है व्यवस्था : अध्यक्ष
निगम कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष रामकुमार ने बताया कि कर्मचारियों ने आयुक्त के सामने अपना पक्ष रखा है। कंपनी में लगातार बिगड़ रही व्यवस्था के चलते कर्मचारी वापस निगम में आना चाहते हैं। यह कर्मचारी अभी कंपनी में डेपुटेशन पर है। निगम को इनकी वापसी पर जल्द फैसला लेना चाहिए।
वापसी पर सरकार लेगी फैसला : कोहली
नगर निगम आयुक्त आशीष कोहली ने कहा कि पेयजल कंपनी में तैनात कंपनी के कर्मचारी उनसे मिले हैं। यह कर्मी वापस नगर निगम में आना चाहते हैं। लेकिन इस पर कोई फैसला नहीं हुआ है। सरकार ही इस पर कोई फैसला ले सकती है।