फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पंचायत चुनाव में भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाना मुख्य मुद्दा, एचपीयू के सर्वे में खुलासा

Fri, 15 Jan 2021 10:39 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
विज्ञापन
पंचायत चुनाव - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

हिमाचल प्रदेश पंचायत चुनाव में 76 फीसदी मतदाता भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने को ज्वलंत मुद्दा मानते हैं। 21.6 फीसदी ने कहा कि भ्रष्टाचार पर अंकुश लगना चाहिए, लेकिन कोई भी उम्मीदवार इस सोच के साथ चुनाव नहीं लड़ता। यह रोचक तथ्य चुनाव पर करवाए सर्वेक्षण में सामने आए हैं। इसमें एचपीयू अंतर विषयक अध्ययन विभाग के ग्रामीण विकास के शिक्षक एवं अण्वेक्षणकर्ता डॉ. बलदेव नेगी और संजौली कॉलेज के सहायक आचार्य डॉ. देवेंद्र कुमार शर्मा ने ऑनलाइन सर्वे किया है। इसमें पंचायत चुनाव के मुख्य मुद्दों पर जनता की राय ली गई। 12 जिलों के 64 खंडों की 320 पंचायतों के 537 मतदाताओं ने हिस्सा लिया। इसमें 75.4 फीसदी ने माना कि गांवों का विकास लोगों की भागीदारी और योजनाबद्ध कार्यों से संभव है। 23.3 फीसदी लोगों को ऐसे उम्मीदवार नजर नहीं आते।

विज्ञापन


सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के लिए पारदर्शी तरीके से काम करने को 65.6 फीसदी ने इसे मुख्य मुद्दा माना है। 15.6 फीसदी मानते हैं कि इस मकसद से उम्मीदवार पंचायत चुनाव नहीं लड़ते। तीसरे मुद्दे में ग्रामसभाओं को मजबूती देना, कोरम पूरा करवाना, लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करवाने पर 65.9 फीसदी ने माना कि पंचायतों में ग्रामसभा का सुदृढ़ीकरण एक बड़ा मुद्दा है। 19.9 फीसदी ने कहा कि यह कोई मुद्दा ही नहीं। 82.9 फीसदी का मानना है कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना और अन्य योजनाओं के तहत पैसा खर्च करने में पारदर्शिता जरूरी है। 15.2  फीसदी का कहना है कि उम्मीदवारों में ऐसी योग्यता ही नहीं है। 76 फीसदी ने कहा कि भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाना चुनाव का ज्वलंत मुद्दा है। 21.6 फीसदी लोगों ने कहा कि कोई भी उम्मीदवार इस मंशा से चुनाव ही नहीं लड़ता। 

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें