हिमाचल प्रदेश में चलने वाली आपातकालीन एंबुलेंस सेवा 102 और 108 के कर्मचारियों को कंपनी ने बाहर का रास्ता दिखा दिया है। कंपनी ने सभी कर्मियों को बर्खास्तगी पत्र थमा दिए हैं। इससे कर्मियों को भविष्य की चिंता सताने लगी है। जीवीके कंपनी से सरकार का करार खत्म हो गया है। अब नई कंपनी से करार होगा। एंबुलेंस कर्मियों ने कहा कि किसी भी कंपनी को सेवाएं देने का टेंडर दिया जाए, लेकिन पहले से तैनात सभी कर्मियों को यथावत नौकरी में रखा जाए।
प्रदेश में 108 और 102 एंबुलेंस चलाने का ठेका सरकार ने जीवीके कंपनी को दिया था। कंपनी का टेंडर 16 नवंबर को समाप्त हो जाएगा। इसके तहत एंबुलेंस के पायलट, कैप्टन, ईएमटी सहित कॉल सेंटरों में 1000 कर्मी तैनात हैं। आपातकालीन सेवा 108 और 102 में तैनात विशाल झौटा, पुष्पेंद्र शर्मा, राजेश चंदेल, प्रदीप चौहान, कपिल देव, राजेश कुमार, अजय कुमार, चमन लाल, दुर्गा सिंह, पन्ना लाल, जीवन सिंह, मनोज ने बताया कि दस सालों से कर्मचारी अपनी सेवाएं दे रहे हैं। कोरोना काल में भी सभी कर्मचारियों ने कोरोना वारियर बनकर अपनी सेवाएं दी।
जान जोखिम में डालकर दिन रात कार्य किया।आज सभी कर्मियों को बर्खास्तगी लेटर दिए गए हैं। 16 नवंबर के बाद सभी की सेवाएं समाप्त हो जाएंगी। उच्च न्यायालय ने जो वेतनमान कंपनी के लिए निर्धारित किया गया है, उसी आधार पर सभी को रखा जाए। उधर, एनएचएम के एमडी हेमराज बैरवा ने बताया कि शीघ्र ही नई कंपनी के साथ करार किया जा रहा है। 108 और 102 एंबुलेंस मेें काम करने वाले योग्य कर्मचारी हैं। नई कंपनी इन्हीं कर्मचारियों की तैनाती करेगी।