हर धर्म के त्योहार पर मदद को बढ़ाती हैं हाथ
जीनत खान की यह पहल केवल दिवाली तक सीमित नहीं है। वह होली, तीज, करवा चौथ और ईद सहित विभिन्न त्योहारों पर जरूरतमंदों की मदद करती रही हैं। उनका मानना है कि धर्म और मजहब से ऊपर इंसानियत है। एक-दूसरे के त्योहारों और खुशियों में शामिल होने से ही समाज में प्रेम, भाईचारा और आपसी विश्वास मजबूत होता है।
सच्ची दिवाली तभी, जब हर घर में जले दीपक
जीनत खान ने कहा कि दिवाली की असली खुशी तभी है, जब समाज के हर वर्ग के घर में दीप जले और हर चेहरे पर मुस्कान हो। उनका उद्देश्य सिर्फ त्योहार मनाना नहीं, बल्कि जरूरतमंदों को यह एहसास कराना है कि उनकी खुशियों में भी समाज उनके साथ खड़ा है। उन्होंने कहा कि इंसानियत और सेवा से बढ़कर कोई धर्म नहीं है। भविष्य में भी हर त्योहार पर जरूरतमंद परिवारों की मदद का सिलसिला जारी रहेगा। जीनत खान की यह पहल संदेश देती है कि धार्मिक पहचान भले अलग हो, लेकिन खुशियां और संवेदनाएं साझा हैं। जरूरतमंदों की दिवाली रोशन कर उन्होंने गंगा-जमुनी तहजीब और आपसी भाईचारे की खूबसूरत तस्वीर पेश की है।