हिमाचल प्रदेश में करीब सवा दो लाख नियमित कर्मचारियों और पौने दो लाख पेंशनरों को यह लाभ मिलने जा रहा है। एरियर देने की बात करें तो राज्य सरकार पर इससे करीब 9 से 10 करोड़ रुपये तक का बोझ पड़ेगा।
पंजाब सरकार की ओर से छठे वेतन आयोग के नियम अधिसूचित करने के बाद हिमाचल प्रदेश सचिवालय में भी हलचल शुरू हो गई। अधिसूचना की प्रति मिलते ही मुख्य सचिव अनिल खाची ने अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त प्रबोध सक्सेना को इसका अध्ययन करने के निर्देश दिए हैं। नियमों का अध्ययन करने के लिए सक्सेना ने अपने अधीनस्थ अफसरों की एक कमेटी बना दी, जिसकी अध्यक्षता वह खुद करेंगे।
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पंजाब सरकार की ओर से अधिसूचित नियमों के अनुसार वहां के कर्मियों को इसका लाभ एक जनवरी, 2016 से दिया जाएगा। इसे सालाना आधार पर दिया जा रहा है। हिमाचल प्रदेश में सवा दो लाख नियमित कर्मियों और पौने दो लाख पेंशनरों को लाभ मिलेगा। एरियर देने की बात करें तो राज्य सरकार पर इससे करीब 9 से 10 करोड़ रुपये तक का बोझ पड़ेगा। प्रदेश की माली हालत पहले से ही पतली चल रही है। ऐसे में यह लाभ कैसे दिया जाएगा, यह राज्य सरकार के लिए बड़ी पहेली है।