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दुधवा आने के इंतजार में महू में तैयार खड़े हैं विस्टाडोम के दो कोच

सार

पूर्वोत्तर रेलवे मैलानी-नानपारा 171 किलोमीटर मीटरगेज रेलखंड पर दौड़ाएगा यही दो विस्टाडोम कोच
 
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यही विस्टाडोम कोच पलिया-नानपारा रूट पर दौड़ाने की है तैयारी। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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विस्तार
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डॉ. आंबेडकर की जन्मस्थली में बने विस्टाडोम कोच जल्द पहुंचेंगे मैलानी

मैलानी। पूर्वोत्तर रेलवे जल्द ही दुधवा के जंगल की सैर पर्यटकों को विस्टाडोम कोच से कराने वाला है। यह कोच मैलानी-नानपारा 171 किलोमीटरमीटरगेज रेलखंड पर दौड़ेंगे। इसके लिए दो कोच वेस्टर्न रेलवे ने तैयार किए हैं। कागजी प्रक्रिया पूरी होते ही महू डिपो में तैयार खड़े दोनों कोच यहां आ जाएंगे।
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मैलानी-लखनऊ खंड का आमान परिवर्तन हो चुका है, जबकि मैलानी-पीलीभीत खंड पर आमान परिवर्तन का काम आरवीएनएल कर रहा है। अब सिर्फ मैलानी-बहराइच रेलखंड (लगभग 206 किलोमीटर) पर ही मीटरगेज ट्रैक है। इस रेलखंड का अधिकांश भाग दुधवा नेशनल पार्क के जंगल से होकर गुजरता है।
पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ मंडल ने इसी को मद्देनजर रखते हुए पर्यटकों को विस्टाडोम कोच से दुधवा के जंगल की सैर कराने की योजना बनाई है। इसके लिए दो विस्टाडोम कोच वेस्टर्न रेलवे के मध्य प्रदेश के महू स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर कोचिंग कांपलेक्स में तैयार किए गए हैं। दोनों कोच मालगाड़ी के फ्लैट वैगन में लोड कर अभी महू डिपो में ही खड़े हैं।
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डिपो के एडीएमई मदन पाटीदार ने फोन पर बताया कि दो-तीन दिन में ही एक टीम इन कोचों को लेकर यहां से रवाना होगी। इससे इन कोचों के यहां जल्द पहुंचने की उम्मीद है। अब पर्यटक मीटरगेज के विस्टाडोम कोच से दुधवा नेशनल पार्क की सैर कर जंगलों और वन्यजीवों को देख सकेंगे। विस्टाडोम कोच साठ सीटर हैं।

डॉ. आंबेडकर की जन्मस्थली है महू

मैलानी। मध्य प्रदेश के महू स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर कोचिंग कांपलेक्स में विस्टाडोम कोच बने हैं। संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की महू जन्मस्थली है। इसी से इसका नाम डॉ. भीमराव अंबेडकर कोचिंग कांपलेक्स रखा गया है।

मॉडीफाइड कर बनाए गए हैं विस्टाडोम कोच

मैलानी। विस्टाडोम कोच मीटरगेज के कोच को ही मॉडीफाइ करके बनाए गए हैं। खिड़कियों के बड़े शीशे, बड़ा लुक, डेकोरेटेड छत, कुशनयुक्त सीटें आदि इनकी खासियत है। खिड़कियों के बड़े शीशे होने से पर्यटक आसानी से वन और वन्यजीवों को देखने का लुत्फ उठा सकेंगें।

वेस्टर्न रेलवे ने विस्टाडोम कोच बनाए हैं। कोच अभी यहां पहुंचे नहीं हैं। पर्यटन के उद्देश्य से दुधवा नेशनल पार्क क्षेत्र के मैलानी-नानपारा के बीच इन्हें चलाने की रेलवे की योजना प्रस्तावित है। ये कोच पर्यटकों को दुधवा की खूबसूरती का अनूठा एहसास कराएंगे। - महेश गुप्ता, पीआरओ, लखनऊ

मैलानी जंक्शन के लिए दो विस्टाडोम कोच बनकर तैयार हैं और उन्हें लोड भी कर दिया गया है। जल्द ही प्लान करके एक टीम इन कोच को लेकर यहां से रवाना होगी। इन्हें यहां से कब रवाना किया जाना है, मंडल मुख्यालय लखनऊ भिजवाना है या सीधे मैलानी इस बाबत अभी कोई जानकारी नहीं है। - मदन पाटीदार, एडीएमई, डॉ. बीआर आंबेडकर कोचिंग कांपलेक्स, महू, रतलाम मंडल, वेस्टर्न रेलवे

सीनियर डीएमई कर चुके हैं मैलानी का दौरा

मैलानी। विस्टाडोम कोच के यहां पहुंचने पर उनको यहां उतारने और उनके रखरखाव की जिम्मेदारी कैरिज एंड वैगन डिपो पर होगी। इसे देखते हुए सीनियर डीएमई कैरिज एंड वैगन लखनऊ राहुल सिंह हाल ही में मैलानी का दौरा कर कैरिज एंड वैगन डिपो और यार्ड का मुआयना कर चुके हैं। कोच को सुरक्षित उतारना भी बड़ी जिम्मेदारी होगी।
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