आठ सौ मेगावाट की एनएचपीसी पार्वती परियोजना चरण दो की टनल में हुए पानी रिसाव से पहाड़ी में हुए भूस्खलन से रैला पंचायत के ग्रामीणों की समस्या कम नहीं हो रही है। पंचायत के चारों ओर दरारें आने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। खतरे को देखते हुए प्रशासन ने पंचायत के भेंबल गांव को खाली करवाया गया है।
गांव के छह परिवारों के 35 लोगों को साथ लगते शलाह गांव के शिफ्ट किया गया है। गांव के लोगों को प्रशासन की तरफ से मुफ्त में राशन दिया जाएगा। टनल से हो रहे पानी का रिसाव पांचवें दिन भी जारी रहा। जो ग्रामीणों के साथ परियोजना प्रबंधन और प्रशासन के लिए चिंता का सबब बन गया है।
वहीं एनएचपीसी प्रबंधन ने टनल से हो रहे रिसाव का सर्वे का काम भी शुरू कर दिया है। मंगलवार को एसडीएम बंजार मनी राम भारद्वाज व उनकी राजस्व टीम के साथ परियोजना के मुख्य अभियंता एसके यादव ने रैला पंचायत के प्रभावित गांवों का दौरा किया और भेंबल गांव को खाली करवाया गया।
रैला वार्ड से जिला परिषद सदस्य हितेश्वर सिंह ने भी मौके पर जाकर ग्रामीणों की समस्या का जायजा लिया। इस दौरान एसडीएम ने पंचायत के चारों ओर आईं दरारों तथा गांव व खेतों में घुसा पानी का जायजा लिया गया।
एसडीएम बंजार ने कहा कि मामले की उच्च स्तरीय जांच की जा रही है। गांव भेंबल को खाली करवाकर साथ लगते शलाह गांव के लिए सुरक्षित जगह को शिफ्ट किया गया है।
पहाड़ी में हो रहे भूस्खलन, गांवों के चारों आई दरारों तथा पानी रिसाव को गहनता से जांच की जा रही है। डीसी कुल्लू युनूस ने कहा कि प्रशासन पूरे मामले पर नजर रखे हुए हैं। हर गतिविधियों की जानकारी ली जा रही है और एसडीएम बंजार व परियोजना प्रबंधन से रिपोर्ट मांगी गई है।