हिमाचल पुलिस के कर्मचारियों की टोपी का रंग फिलहाल नहीं बदलेगा। प्रदेश उच्च न्यायालय ने सरकार के आदेशों पर छह मई तक यथास्थिति बरकरार रखने के आदेश जारी किए हैं।
न्यायाधीश सीबी बारोवालिया ने प्रदेश पुलिस वेलफेयर संघ की ओर से दायर आवेदन की सुनवाई के दौरान यह आदेश पारित किए। कोर्ट ने प्रदेश सरकार को आवेदन पर तीन हफ्ते के भीतर जवाब दाखिल करने को कहा है।
संघ ने प्रदेश सरकार के 12 फरवरी को जारी आदेशों पर रोक लगाने की गुहार लगाई थी। इनके तहत पुलिस कर्मियों की टोपी को नीले रंग से खाकी रंग का करने का फरमान जारी हुआ था। प्रार्थी संस्था के अनुसार विभाग जवानों के लिए टोपियां नहीं खरीदता है।
कर्मचारियों को खुद टोपियां खरीदनी पड़ती है। इस साल के लिए पुलिस कर्मियों ने पहले ही टोपियां खरीद ली हैं। 12 फरवरी को जारी सरकार के आदेशों से प्रदेश के करीब 15 हजार पुलिस कर्मियों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
साथ ही याचिका में गृह विभाग के जारी आदेश को यह कहकर चुनौती दी है कि होम गॉर्ड, सिक्योरिटी गार्ड व फॉरेस्ट गार्ड की वर्दी की टोपी का रंग खाकी रखा गया है जो की पुलिस व इन गार्ड्स को पहचानने में मुश्किल पैदा करता है। इसके अलावा इससे पुलिस के सीनियर व जूनियर पुलिस अधिकारियों के बीच भेदभाव पैदा होगा और यह भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन होगा।