ऊना जिला में सर्द मौसम ने लोगों की परेशानी को बढ़ा दिया है। बीते गुरुवार को धूप खिलने के बाद शुक्रवार को छाए घने कोहरे ने लोगों को घर से निकलना मुश्किल कर दिया है। जिला का न्यूनतम तापमान 3.3 डिग्री की गिरावट के साथ 1.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। शुक्रवार सुबह से ही जिला में घना कोहरा छाया हुआ है। खासकर सोमभद्र नदी के आसपास के क्षेत्र में घनी धुंध ने लोगों का सड़कों पर गुजरना मुश्किल कर दिया है। वाहन चालक लाइट जलाकर अपने गंतव्य को रवाना हो रहे हैं। सड़कों पर वाहन बेहद धीमी गति से आगे बढ़ रहे हैं। उधर, जिले में आने वाली ट्रेनें भी धुंध के कारण आज देरी से आने के आसार हैं। बीते कई दिनों से कोहरे और धुंध के कारण ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित हो रही है।
गेहूं के लिए खतरा बना शुष्क मौसम
जिला में बीते लंबे समय से बारिश नहीं हुई, जोकि कृषि के लिहाज से बिल्कुल सही नहीं है। गैर सिंचित इलाकों में इस समय गेहूं की फसल के लिए बारिश का होना बेहद जरूरी है। आने वाले दो सप्ताह तक बारिश नहीं होने पर गेहूं की फसल बर्बाद होने की कगार पर पहुंच जाएगी। किसान वीरेंद्र प्रकाश, रविंद्र चंद, महिंद्र पाल, विनोद सैनी ने बताया कि आमूमन सर्दी के मौसम में बारिश होती थी, लेकिन इस बार सूखी सर्दी ने जहां लोगों के स्वास्थ्य पर असर डाला तो वहीं फसलें भी खराब होने लगी हैं। मौसम विशेषज्ञ विनोद शर्मा ने बताया कि आने वाले कुछ दिन सर्दी का प्रकोप यूं ही बरकरार रहेगा। कहा कि लोग मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए पूरी तैयार कर घर से निकलें।