स्पीति के लोसर गांव से 40 किलोमीटर दूर काजा मनाली सड़क पर दो दिन से फंसे पांच पर्यटकों को प्रशासन ने स्थानीय युवकों की मदद से मंगलवार को रेस्क्यू कर लिया। प्रशासन को सूचना मिली थी कि 17 दिसंबर को एक फॉर्च्यूनर गाड़ी लोसर से मनाली के लिए गई थी। स्थानीय लोगों ने गाड़ी के सवार लोगों को जाने से रोकने के प्रयास भी किया लेकिन फिर भी वे चले गए।
अगले दिन प्रशासन से पर्यटकों के परिजनों ने संपर्क किया और उनके लापता होने की सूचना दी। इसके बाद जिलाधीश ने स्पीति और केलांग दोनों ओर से रेस्क्यू टीम भेजने का फैसला किया। 18 दिसंबर को स्पीति की ओर से गई रेस्क्यू टीम कुंजम टॉप से तीन किलोमीटर ही पीछे तक ही जा पाई। बर्फ अधिक होने के कारण गाड़ियां फंस रही थी।
रेस्क्यू टीम में प्रशासन, आईटीबीपी, बीआरओ, लोक निर्माण विभाग, वन विभाग, पुलिस, लोसर काजा, स्पीति के गांवों के युवा और टीएसी सदस्य केसांग रापचिक से मदद ली। पहले दिन टीम को आधे रास्ते से लौटना पड़ा। मंगलवार सुबह 10 रेस्क्यू टीम फिर बातल के लिए निकली। दोपहर करीब ढाई बजे टीम बातल रेस्ट हाउस में पहुंची जहां पांचों पर्यटक रुके हुए थे।
बातल से करीब दस किलोमीटर दूर चढ़ाई में इन पर्यटकों की गाड़ी बर्फ में फिसल कर लटक गई थी। उन्होंने प्रदेश सरकार, जिला प्रशासन और स्थानीय लोगों का आभार व्यक्त किया है। रेस्क्यू किए लोगों में चालक लक्ष्य गर्ग, द्वारिका पुरी, सिरसा हरियाणा, यश ढींगरा न्यू रोहतक रोड करोल बाग, दिल्ली, आयुष पांघल रोहणी, दिल्ली, अंश भारती, रांची, झारखंड और अंशुल चौहान गांव चोगांव तहसील कोटखाई जिला शिमला शामिल है।