मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि धूमल आजकल रौंदू राम बन गए हैं तथा सबसे बोलते फिर रहे हैं कि वीरभद्र मेरे पर मुकदमे चला रहा है। कानून अपना काम कर रहा है। धूमल के खिलाफ मैं नहीं धूमल के मित्र ही चार्जशीट लेकर दिल्ली गए थे।
इसमें उन्होंने जीएस बाली के नाम का जिक्र किए बिना उन्हें धूमल का मित्र कह डाला। उन्होंने कहा कि अब जब इन्कवायरी हो रही है तो उन्हें डरने की जरूरत नहीं है लेकिन अगर गलती की है तो उन्हें नहीं छोड़ा जाएगा।
मुख्यमंत्री ने हमीरपुर संसदीय क्षेत्र के बड़सर, बिझड़ी, गलोड़ व बसारल क्षेत्रों में जनसभा को सबोधित किया। उन्होंने कहा कि धूमल तथा उनके बेटे अनुराग ठाकुर ने एचपीसीए को गठन कर उसे कंपनी बना दिया। हम सरकारी सम्पत्ति को दिन दहाड़े लूटने नहीं देंगे।
फोबिया से ग्रस्त हैं पूर्व मुख्यमंत्री
गलोड़ में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि प्रेम कुमार धूमल को वीरभद्र फोबिया हो गया है। शीशे और पानी में भी उन्हें वीरभद्र ही दिखता है। धूमल को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि धूमल का मानसिक संतुलन बिगड़ गया है। इसी कारण वह लोस चुनाव के बाद प्रदेश सरकार के गिरने की बात कह रहे हैं।
धूमल से पूछा कि संविधान में कौन सा ऐसा प्रावधान है कि लोस चुनाव के बाद प्रदेश सरकार बर्खास्त की जाती हो। इस मौके पर उनके साथ कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू, राजेंद्र जार, अनिल वर्मा, राज धीमान, कांग्रेस जिलाध्यक्ष नरेश ठाकुर, पृथ्वी चंद, सुमन देवी आदि मौजूद रहे।
गलती से सीएम बने थे धूमल
सीपीएस लखनपाल ने कहा कि मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने बमसन पेयजल योजना स्वीकृत करवाई। मुख्यमंत्री ने 50 साल के राजनीतिक जीवन में कई विकास गाथाएं लिखी हैं, जबकि धूमल गलती से मुख्यमंत्री बने हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व सरकार ने मैहरे में तंग जगह में मिनी सचिवालय व बस अड्डे का शिलान्यास कर दिया।
उन्होंने प्रशासन से स्थानों को बदलने की मांग की है। पूर्व विधायक मैहरे बाजार में 15 वर्षों में शौचालय तक नहीं बना पाए। उन्होंने मैहरे में शौचालयों का निर्माण करवाया। दो स्कूलों को अपग्रेड करवाया। कांग्रेस सरकार ने डेढ़ साल में कई विकास कार्य करवाए हैं। कांग्रेस प्रत्याशी राजेंद्र राणा ने कहा कि अनुराग ठाकुर पांच सालों में अपनी सांसद निधि नहीं बांट सके। उन्होंने क्षेत्र के विकास के लिए वीरभद्र सिंह की दरियादिली बताया।