मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने वित्त मंत्री अरुण जेटली की ओर से पेश किए गए आम बजट को निराशाजनक और हताश करने वाला करार दिया। उन्होंने कहा कि बजट में आम जन के हितों की पूरी तरह अनदेखी की गई है। जनता नोटबंदी के मुश्किल दौर से गुजरने के बाद कुछ राहत की उम्मीद कर रही थी, लेकिन केंद्र सरकार जनता की उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी है। बजट में किसानों और बेरोजगार युवाओं के लिए कुछ भी नहीं है।
मध्य और निम्न मध्य वर्गीय लोगों के लिए भी बजट में कुछ खास नहीं किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि वेतनभोगी और कर्मचारी आयकर सीमा में कुछ राहत की आशा कर रहे थे, लेकिन केंद्र सरकार के नए प्रावधान से केवल निम्न आय के लोग लाभान्वित होंगे। वीरभद्र सिंह ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि रेल बजट में एक बार फिर हिमाचल प्रदेश की अनदेखी की गई है।
सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण बिलासपुर-भानुपल्ली-लेह रेल मार्ग का कोई भी जिक्र नहीं है। नंगल-तलवाड़ा रेल लाइन का निर्माण भी 20 वर्षों से अधिक समय से अधर में है। रेल लाइनों का विस्तार और नई लाइनों का मामला केंद्रीय रेल मंत्री से उठाया गया, लेकिन केंद्रीय सरकार ने इस दिशा में कोई भी कदम नहीं उठाया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने भानुपल्ली- बिलासपुर - बेरी रेल लाइन के लिए भूमि अधिग्रहण लागत सहित 25 प्रतिशत धनराशि और चंडीगढ़- बद्दी रेल लाइन के लिए परियोजना लागत का 50 प्रतिशत प्रदान करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। चंडीगढ़ - बद्दी रेल लाइन के लिए राज्य हिस्सा भी जारी कर दिया है। रेल मंत्रालय से इस बारे केवल आश्वासन मिले हैं।
बेनामी दान सीमा घटाने के फैसले का स्वागत
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने राजनीतिक पार्टियों को देने वाले बेनामी दान की सीमा को घटाने के फैसले का स्वागत किया है। केंद्र सरकार ने बजट में इसे 20 हजार से घटाकर 2 हजार रुपये करने का फैसला लिया है।
किसान, बागवान, कृषि, महिला कल्याण के सपने होंगे साकार: धूमल
पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार धूमल ने वर्ष 2017-18 के बजट को साहसिक और संतुलित बताया है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने विकास की गति को आगे बढ़ाते हुए एक ऐसा बजट प्रस्तुत किया है जिससे देश के किसान, बागवान, नौजवान, महिला, मध्यम वर्ग, दलित, पीड़ित और शोषित वर्ग को अपने सपने साकार करने के अवसर प्राप्त होंगे।
सामाजिक कल्याण, कृषि, महिला कल्याण, स्वास्थ्य क्षेत्र, मनरेगा व कौशल विकास जैसे क्षेत्रों में बजटीय वृद्धि से सामाजिक कल्याण के साथ-साथ देश आर्थिक रूप से संपन्न होने की दिशा में एक बढ़ी छलांग लगाएगा। रेलवे ट्रैक व आवासीय निर्माण में
बजटीय वृद्धि से देश में आधारभूत ढांचे के विकास में मदद मिलेगी। देश की कर प्रणाली में सुधार और संशोधन करके वित्त मंत्री ने देश के मध्यम वर्ग के साथ लघु एवं मध्यम उद्यमियों को भी फ ायदा पहुंचाया है। 3 लाख तक इनकम टैक्स न होने से देश के मध्यम वर्ग को बड़ी राहत मिली है।
आम आदमी और किसान का विरोधी है बजट: विप्लव
राज्यसभा में कांग्रेस सांसद विप्लव ठाकुर ने कहा कि मोदी सरकार की ओर से पेश किया गया आम बजट किसान, आम आदमी और तमाम वर्गों का विरोधी है। इस बजट में पुरानी बातें ही की गई हैं। शब्दों के जाल में उलझाने का प्रयास किया गया है। इसमें न तो हिमाचल प्रदेश के लिए कुछ है और न ही देश के लिए ही कुछ नजर आ रहा है। विमुद्रीकरण के बाद जो नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई के लिए टैक्स का स्लैब बढ़ाने की बात जरूर हुई है। रेलवे का तो नाम ही ‘बाई द वे’ लिया गया है।
आनंद बोले, अभी बात नहीं हो पाएगी
बजट पर हिमाचल से राज्यसभा में सांसद एवं राज्यसभा में विपक्ष के उपनेता आनंद शर्मा को भी प्रतिक्रिया के लिए फोन किया गया, मगर उन्होंने फिलहाल प्रतिक्रिया देने से इंकार किया।
आंकड़ों का मायाजाल है मोदी सरकार का बजट: सुक्खू
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा है कि मोदी सरकार का यह बजट आंकड़ों का मायाजाल है। जिन युवाओं के माध्यम से देश को बनाने की बात की जाती है, उनकी इस बजट में अनदेखी की गई है। सुक्खू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव में युवाओं और आम लोगों की ओर से मोदी सरकार को करारा जवाब दिया जाएगा।
हिमाचल के किसानों के लिए खुशखबरी और झटका दोनों: किसान
हिमाचल प्रदेश सब्जी उत्पादक संघ शिमला के प्रदेशाध्यक्ष साधराम शर्मा ने कहा है कि मोदी सरकार का ये बजट हिमाचल के किसानों के लिए खुशखबरी भी है तो एक झटका भी है। इसमें जहां मोदी सरकार ने पूर्व की घोषणा के मुताबिक प्रदेश के किसानों के लिए 60 दिनों के ब्याज भुगतान का प्रावधान किया है, वहीं जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर राज्यों के लिए विशेष पैकेज देने से प्रदेश के किसान निराश भी हुए हैं। उन्होंने कहा कि हाल ही में केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर को 500 करोड़ रुपये का बागवानी पैकेज दिया है।
बजट में बेरोजगारोें के लिए कोई योजना नहीं: विक्रमादित्य
हिमाचल प्रदेश युवा कांग्रेस अध्यक्ष विक्रमादित्य सिंह ने केंद्रीय बजट को निराशाजनक बताया है। कहा है कि बजट में देश के युवाओं विशेषकर बेरोजगारों के लिए कोई भी ऐसी सटीक योजना नहीं है, जिससे उन्हें सशक्त, रोजगारोन्मुखी बनाया जा सके। नोटबंदी के बाद देश में अर्थव्यवस्था पर जो विपरीत असर पड़ा है, उससे देश की विकास दर में भारी कमी आई है।
आम बजट में इस कमी को पूरा करने के लिए कोई ठोस उपाय नजर नहीं आ रहे हैं। केंद्रीय बजट में हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्य के लिए कोई पैकेेज न देने पर भी निराशा व्यक्त की है। कहा कि एक तरफ प्रधानमंत्री हिमाचल को अपना दूसरा घर बताने की बड़ी-बड़ी बातें करते हैं, पर बजट में हिमाचल की उपेक्षा उनके दोहरे चरित्र को दर्शाती है।
उद्योगों को कुछ खास नहीं, पर सुधार का बजट: खुराना
कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (सीआईआई) के हिमाचल प्रदेश इकाई के अध्यक्ष संजय खुराना ने कहा कि अगर बजट पर गौर करें तो उद्योगों के लिए विशेष कुछ नहीं है। हालांकि, मोदी सरकार की नीयत सभी क्षेत्रों में आमूल-चूल अच्छे सुधार करने की जरूर नजर आती है।
जिस तरह से बजट में कर छूट की बात की गई है, उसका फायदा प्राइवेट लिमिटेड कंपनियों को ज्यादा होगा। जो उद्योग पार्टनरशिप में चल रहे हैं, उनके लिए इसका कोई खास लाभ नहीं होने वाला है। ग्रामीण और कृषि क्षेत्र में जिस तरह से अधिक बजट खर्च करने की बातें हुई हैं, उससे यह लगता है कि विमुद्रीकरण के बाद जिस तरह से व्यवसाय ठप पड़ा है, उसे क्विक स्टार्ट मिल सकता है।
मोदी सरकार ने जिस तरह से शिक्षा पद्धति को बदलने की बात की है और वोकेशनल शिक्षा के लिए कहा है, उससे नौकरी और स्वरोजगार आधारित शिक्षा की बात हुई है। कुल मिलाकर यह बजट देश में बदलाव का बजट जरूर है, मगर उद्योग जगत को इसका फिलहाल कोई खास लाभ नहीं मिला है।
बजट पर दिखा जीएसटी का असर
टैक्स कंसलटेंट व चार्टर्ड अकाउंटेंट सचिन डोगर ने कहा कि बजट पर जीएसटी का असर दिखा है। चूंकि आने वाले समय में जीएसटी लागू होना है, इसलिए शायद इस बजट में सर्विस टैक्स और एक्साइज ड्यूटी में कोई बदलाव नहीं किया गया है। वहीं, तीन लाख से ऊपर के नकद लेन देन पर रोक लगाना बड़ा कदम है।
व्यापारियों के लिए कुछ खास नहीं है। लेकिन, 50 करोड़ से कम के टर्नओवर वाली कंपनियों के टैक्स में पांच प्रतिशत की छूट जरूर दी है। इसके अलावा 5 लाख तक की नेट इनकम वाले कर दाताओं को सेक्शन 87 ए के तहत मिलने वाली छूट को भी ढाई हजार से पांच हजार कर दिया गया है। डोगर कहते हैं कि बजट में इंश्योरेंस कंपनियों को 25 प्रतिशत इन्फ्रा बांड में निवेश करने की व्यवस्था से फायदा होगा।
कर्मचारियों की खिली बांछें
केंद्र सरकार के बजट से कर्मचारी वर्ग को खासी राहत मिली है। कर्मचारी परिसंघ के अध्यक्ष विनोद कुमार कहते हैं कि नए पे कमीशन को देखते हुए ही केंद्र सरकार ने कर्मचारियों को राहत देने की कोशिश की है। नए पे कमीशन के लागू होने पर अगर पुराना टैक्स स्लैब लागू रहता तो बड़ी संख्या में कर्मचारियों को टैक्स चुकाना पड़ता। लेकिन सरकार ने टैक्स स्लैब में तीन से पांच लाख रुपये तक की इनकम वालों के लिए टैक्स को 10 से घटाकर 5 प्रतिशत कर बड़ी राहत प्रदान की है।
वरिष्ठ नागरिकों ने भी की बजट की तारीफ
वरिष्ठ नागरिकों ने भी बजट की तारीफ की है। पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष एचआर वशिष्ठ ने कहा कि आधार आधारित स्मार्ट कार्ड योजना शुरू करना अच्छी पहल है। वरिष्ठ नागरिकों के लिए उम्र के अंतिम पड़ाव में स्वास्थ्य संबंधी सुरक्षा की ओर केंद्र सरकार की यह सकारात्मक पहल है। इसके अलावा वशिष्ठ ने वरिष्ठ नागरिकों के लिए निश्चित पेंशन की योजना क्रियान्वित करने और आठ प्रतिशत प्रति वर्ष का गारंटीकृत लाभ मिलने की योजना को भी सराहा है। टैक्स स्लैब में बदलाव से पेंशनर्स को भी फायदा होगा। साथ ही एफडी की ब्याज दर 8 प्रतिशत होने से भी पेंशनर्स और वरिष्ठ नागरिकों को फायदा होगा।
रेलवे विस्तार के लिए हिमाचल को कुछ नहीं मिला: कौल
राजस्व मंत्री ठाकुर कौल सिंह ने कहा कि आम बजट से हिमाचल को बड़ी उम्मीद थी लेकिन केंद्र सरकार ने इस पर पानी फेर दिया है। हिमाचल को न तो रेलवे विस्तार में कुछ मिला और न ही स्वास्थ्य क्षेत्र में हिमाचल को राहत दी गई।
न मीठा, न स्वाद और नाम चॉकलेट: बाली
परिवहन मंत्री जीएस बाली ने कहा कि आम बजट में लोगों को कोई राहत नहीं दी गई है। इस बजट में न तो मीठा है, न ही स्वाद और फिर भी इसे चॉकलेट बताया जा रहा है। आम बजट से फिर हिमाचल को निराशा हाथ लगी है।
हिमाचल के लिए निराशाजनक है केंद्रीय बजट: सुधीर
शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा ने कहा कि केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली की ओर से पेश किया गया आम बजट में हिमाचल को निराशा ही हाथ लगी है। बजट में कारोबारियों, युवाओं, महिला कल्याण के लिए कुछ नहीं दिया गया।
गरीबों के हित में मोदी सरकार का बजट: शांता
पूर्व मुख्यमंत्री एवं वर्तमान सांसद शांता कुमार ने कहा कि मोदी सरकार का बजट सही मायनों में गरीबों के हित में है। सरकार की ओर से अंत्योदय मिशन के माध्यम से एक करोड़ अति गरीब लोगों को गरीबी रेखा से ऊपर उठाने का प्रस्ताव इस दिशा में सराहनीय पहल है। केंद्र सरकार ने भ्रष्टाचार के मूल कारण राजनीतिक दलों की फंडिंग पर अंकुश लगा कर राजनीतिक सदाचार की ओर कदम बढ़ाया है।
यह निर्णय नोटबंदी के बाद दूसरा ऐतिहासिक निर्णय है। सरकार ने वर्तमान बजट में ग्रामीण क्षेत्रों के विकास की ओर अधिक प्रस्तावों को केंद्रित किया है। युवाओं को कौशल विकास के लिए प्रशिक्षण और महिलाओं के लिए विभिन्न योजनाओं के तहत पर्याप्त राहत देश को विकास की नई दिशा प्रदान करेगा। शांता ने कहा कि आर्थिक अपराधियों की संपत्ति जब्त करने का प्रस्ताव भ्रष्टाचार मुक्त भारत की कल्पना को आधार प्रदान करेगा।
व्यापारियों के लिए बजट में कुछ खास नहीं
व्यापारियों के लिए बजट में कुछ खास नहीं है। केंद्रीय बजट में व्यापारियों के हितों को ध्यान में नहीं रखा गया है। बेहतर होता कि व्यापारियों के लिए अलग से बजट में घोषणा की जाती। देश भर में व्यापारी टैक्स देते हैं। उनके लिए कोई भी स्थायी नीति नहीं बनी है। जिससे व्यापारियों के परिवारों की सुरक्षा हो सके। -सोमेश शर्मा, हिमाचल व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष
संयुक्त आम बजट में गरीबों, किसानों का खास ध्यान: वीरेंद्र कश्यप
शिमला से भाजपा के सांसद वीरेंद्र कश्यप ने कहा कि संयुक्त आम बजट गरीबों, किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों का ध्यान रखते हुए पेश किया गया है। कृषि ऋण के लिए लक्ष्य रिकार्ड स्तर पर तय है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लिए बजट को बढ़ाया गया है।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना को अधिक बेहतर बनाया गया है। गरीबों के अलावा विशेष रूप से महिलाओं, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अल्पसंख्यकों के कल्याण का भी खास ध्यान रखा गया है। स्वास्थ्य क्षेत्र को भी तरजीह दी गई है। कुल मिलाकर ये बजट संतुलित है।