मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि मंदिरों को हाईटेंशन वायर से दूर बनाया जाए। धार्मिक संस्थान और आवास हाईटेंशन वायर वाले क्षेत्र में नहीं बनाए जाने चाहिए। वीरभद्र ने कहा कि मंदिर बनाने का कोई कायदा होना चाहिए। इसके लिए समाज में जागरूकता होनी जरूरी है।
लोगों को ये मालूम होना चाहिए कि बिजली की हाईटेंशन वायर किधर से जा रही है। ऊना में जहां पर हादसा हुआ, वहां पर बिजली की तारें पिछले 50 साल से गुजर रही हैं, जबकि मंदिर को बने 10 साल हुए हैं। यह बात सीएम वीरभद्र सिंह ने विधानसभा में विधायक सतपाल सिंह सत्ती की ओर से लाए गए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर ऊर्जा मंत्री सुजान सिंह पठानिया के जवाब के बाद कही।
ऊर्जा मंत्री पठानिया ने जिला ऊना के सानन गांव में झंडा चढ़ाने की रस्म के दौरान घायल हुए लोगों को अपनी ऐच्छिक निधि से 15-15 हजार रुपये देने की भी घोषणा की। सुजान सिंह ने कहा कि जांच के लिए अधीक्षण अभियंता कांगड़ा की अध्यक्षता में कमेटी गठित की गई है। जो जांच में दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
सदन में विधायक सतपाल सिंह सत्ती ने ऊना के सासन गांव में करंट लगने से दो लोगों की मौत और कई लोगों के घायल होने के मामले पर ध्यानाकर्षण प्रस्ताव लाते हुए कहा कि संत रविदास मंदिर में पिछले महीने दुखद घटना हुई है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि इसमें मरने वाले दो लोगों के परिजनों को मुआवजा दें और घायलों के इलाज का खर्च भी सरकार उठाए।
40 करोड़ का फंड मांगा
चर्चा में भाग लेते हुए विधायक राम कुमार ने बद्दी, बरोटीवाला, नालागढ़ प्राधिकरण को आगामी वित्तीय वर्ष के लिए 40 करोड़ रुपये की मांग की। उन्होंने कहा कि इस राशि से सड़कों की मरम्मत के अलावा अन्य विकास कार्य किए जाएंगे। उन्होंने नालागढ़ मंडल की आईपीएच योजनाओं का मामला भी उठाया।