परिवहन मंत्री जीएस बाली के बयानों पर सीएम वीरभद्र सिंह ने पहली बार मीडिया के सामने अपनी बात रखी। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि जीएस बाली ने पत्रकार वार्ता में प्रदेश में बेरोजगारी के पुराने आंकड़े पेश किए हैं। पिछले दो वर्षों में हजारों को रोजगार दिया गया है।
प्रदेश में बेरोजगारी नहीं बढ़ी है। उन्होंने कहा कि बाली के दिल्ली जाने के पीछे कोई विवाद नहीं है। अगर उनके पुराने प्रोग्राम देखेंगे तो उनका अधिकतर समय दिल्ली में ही गुजरा है। इसमें कुछ और सोचने की जरूरत नहीं है। मंगलवार को राज्य सचिवालय में मीडिया से बातचीत में वीरभद्र सिंह ने कहा कि उनका मंत्रिमंडल में फेरबदल का अभी कोई इरादा नहीं है।
इस विवाद पर उनकी बाली से कोई बात नहीं हुई है। बुधवार को मंत्रिमंडल की बैठक है, संभव है बाली इसमें उपस्थित होंगे।
इमोशनल हो जाते हैं बाली
सीएम ने कहा कि बाली इमोशनल हो जाते हैं। जब उन्हें हर्ट महसूस होता है तो वह ऐसा करते हैं। हम दोनों एक दूसरे से कंफर्टेबल हैं। आपस में दो घडे़ टकराते रहते हैं। छोटी-छोटी बातों को राई का पहाड़ नहीं बनाना चाहिए। गुस्सा हो तो तीन-चार दिन इस पर मनन करना चाहिए।
कुछ लोग छोटी-छोटी बातों पर नाराज होते हैं। मुझे पूरा देखना है। कुछ लोग अपनों की ट्रांसफर या निजी काम न होने पर नाराज हो जाते है। सीएम ने कहा कि न तो वह किसी की धमकी से डरते हैं और न ही मुझे किसी ने धमकाया है।
कल कोई राजपूतवाद या कोई और वाद लाएगा
वीरभद्र ने कहा कि कुछ लोगों ने मंडी लोस चुनाव में पहली बार जातिवाद के नाम पर खुलकर वोट मांगे। भाजपाई लोगों को धर्म, जाति आदि के नाम पर बांट रहे हैं। जैसे पुराना हिमाचल, नया हिमाचल, ऊपर के पहाड़, नीचे के पहाड़ आदि। ये काम भाजपा और जनसंघ करते आए हैं।
कंडक्टर भर्ती पर भी दिया बयान
कंडक्टर भर्ती पर वीरभद्र बोले कि किसी भी विवाद को संबंधित विभाग को खुद हैंडल करना आना चाहिए। कंडक्टर भर्ती पर विधायकों और मंत्रियों के पत्र मिले, मगर अपने स्तर पर उन्होंने इस पर कोई एक्शन नहीं लिया। विभाग को विवादित चयन प्रक्रिया को रद्द करना चाहिए और अपने स्तर पर साक्षात्कार लेने चाहिए। उन्होंने कहा कि इस भर्ती में पारदर्शिता न होने की शिकायतें आईं।
सुक्खू के पत्र की जानकारी नहीं
एक निजी मेडिकल कॉलेज को 150 सीटें मिलने और सरकारी कॉलेजों की सीटें न बढ़ पाने पर कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सुखविंद्र सुक्खू की ओर से भेजे गए पत्र पर सीएम ने कहा कि इसकी उन्हें जानकारी नहीं है। उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि इसे समझा जा सकता है कि ऐसा क्यों हुआ। उन्होंने कहा कि शिमला के कैंसर अस्पताल को धूप वाली जगह पर शिफ्ट किया जाएगा।