मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने शिमला ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत दुधालटी के लोहारब में 35 करोड़ से बनने वाली शूटिंग रेंज की आधारशिला रखी। इसके अलावा उन्होंने ललित कला महाविद्यालय भवन के निर्माण के लिए तीस करोड़ भी मंजूर किए। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि राज्य सरकार 35 करोड़ रुपये की लागत से शूटिंग रेंज का निर्माण करेगी।
राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के अलावा शिविर भी लगाए जाएंगे। वही ललित कला महाविद्यालय भवन के निर्माण के लिए भी 30 करोड़ की राशि स्वीकृत की। महाविद्यालय में सभागार, खेल मैदान और लड़कों एवं लड़कियों के लिए अलग-अलग छात्रावासों को निर्माण होगा। जबकि प्राध्यापकों और गैर शिक्षक स्टाफ को अलग आवासीय सुविधा मिलेगी।
लोक निर्माण विभाग को विभिन्न खंडों का निर्माण कार्य अलग अलग ठेकेदारों को देने के निर्देश दिए ताकि समय रहते कार्य पूरा किया जा सके। इस मौके पर कांग्रेस सरकार ने चार वर्षों के दौरान शिमला ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के विकास की भी चर्चा की। उन्होंने बताया कि सरकार ने अनेक स्वास्थ्य शिक्षा व पशुपालन संस्थान खोलने के अलावा अतिरिक्त गांवों को जोड़ने के लिए सड़कों का निर्माण किया गया है।
विधानसभा क्षेत्र में दो महाविद्यालय खोले गए हैं। कटासनी में बहु उद्देशीय स्टेडियम के अलावा जल्द विधि विश्वविद्यालय की स्थापना की जाएगी। मुख्यमंत्री ने विकासात्मक कार्यों के लिए स्वेच्छा से अपनी भूमि दान करने का आग्रह किया। युवा कांग्रेस के अध्यक्ष विक्रमादित्य सिंह ने विधानसभा क्षेत्र के लिए दो महत्वपूर्ण विकासात्मक परियोजनाओं के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। शिमला ग्रामीण खंड कांग्रेस समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर शर्मा जिला परिषद सदस्य राजेश शर्मा, पूर्व विधायक सोहन लाल, जिला परिषद अध्यक्ष धर्मिला हरनोट, खंड कांग्रेस समिति अध्यक्ष अनीता शमा, शिमला ग्रामीण युवा कांग्रेस अध्यक्ष अमित कोहली, एचपीएसआईडीसी के सदस्य प्रमोद शमा मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने हिपा में रखी ऑडिटोरियम की आधारशिला
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने सोमवार को शिमला के नजदीक प्रदेश लोक प्रशासन संस्थान (हिपा) के सभागार की आधारशिला रखी। उन्होंने संस्थान के नए कार्यालय खंड की आधारशिला भी रखी। इसके निर्माण पर लगभग 4 करोड़ की लागत आएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह भवन आधुनिकता एवं धरोहर का एक शानदार मिश्रण होगा। शिमला शहर विशेषकर संस्थान के बुनियादी ढांचे को अलंकृत करेगा।
उन्होंने संबंधित विभाग को निर्माण कार्य तीन शिफ्टों में करने के निर्देश दिए। पांच मंजिला यह भवन 550 लोगों के बैठने की क्षमता वाले सभागार सहित प्रशिक्षुओं तथा संकाय के लिए 30 आवासीय कमरों की आवश्यकता को पूरा करेगा। राजधानी में सभी आधुनिक तकनीकों से सुसज्जित अपनी तरह का यह पहला ऑडिटोरियम होगा। इसका उपयोग उच्च स्तर के राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों और सेमीनारों के लिए किया जाएगा।