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अमित शाह के 20 साल तक सरकार बनाने के बयान पर सीएम का पलटवार

Mon, 12 Dec 2016 09:47 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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हिमाचल से कांग्रेसमुक्त शासन और 20 साल तक भाजपा की सरकार बनाने के अमित शाह के बयान पर मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने पलटवार कर कहा कि भाजपा पहले कोई मजबूत नेता तो पैदा कर ले। कहने से कुछ नहीं होता। कांग्रेस ने हिमाचल का विकास किया है। कहा कि हिमाचल सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाना भाजपा का चुनावी स्टंट है और भाजपा का न तो भाषा तथा जबान पर कंट्रोल है। 
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सीएम वीरभद्र सिंह ने कहा कि भाजपा को ईंट का जवाब पत्थर से दिया जाएगा। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने शनिवार को अनाडेल में पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में कहा कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह का हिमाचल में भाजपा की सरकार बनाने का दावा एक स्वप्न मात्र है। ये कभी साकार होने वाला नहीं है।

बोले, ‘त्रिदेव सम्मेलन’ पूरी तरह से फ्लाप शो

भाजपा अध्यक्ष की ओर से बिना किसी तार्किक सबूत के राज्य सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्हें लोगों को गुमराह करने से पूर्व आरोपों को साबित करना चाहिए। अगले चुनाव में भी कांग्रेस पूर्ण बहुमत से जीतेगी। कांग्रेस ने बड़े पैमाने पर हिमाचल का विकास किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हिमाचल को बनाया है। 

पार्टी ने यूनियन टेरोटरी से लेकर पूर्ण राज्य तक का दर्जा दिलाया है। उस समय भाजपा कहां थी? अपनी सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाने पर सीएम वीरभद्र सिंह बोले - वे इसे साबित करे। ये आरोप बिल्कुल झूठे हैं। हमारी सरकार देश की सबसे ईमानदार सरकारों में से एक है। 

भाजपा नेता पूर्व में रहे प्रधानमंत्रियों पर टिप्पणी करने के योग्य नहीं हैं, क्योंकि कांग्रेस ने पंडित जवाहर लाल नेहरू, इंदिरा गांधी, लाल बहादुर शास्त्री जैसे प्रतिष्ठित प्रधानमंत्री देश को दिए हैं, जिनके नेतृत्व में देश ने अभूतपूर्व उन्नति की है। भाजपा की चार्जशीट से वे डरने वाले नहीं हैं। ईंट का जवाब पत्थर से देंगे। गलत आरोप हुए तो कार्रवाई करेंगे। वे महज सनसनी फैलाएंगे। 

राज्य सरकार में कोई ऐसी बात नहीं, जिसे भ्रष्टाचार से जोड़ा जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा राज्य में सरकार बनाने के लिए उतावली और जल्दबाजी में है। इसलिए ये लोगों को गुमराह करने के लिए भ्रामक बयानबाजी कर रही हैं। भाजपा नेताओं की झूठी एवं निम्न स्तर की बयानबाजी उनके उतावलेपन को दर्शाती है। मुख्यमंत्री ने सोलन में भाजपा के ‘त्रिदेव सम्मेलन’ को पूरी तरह से फ्लाप शो करार दिया है।

नोटबंदी के फैसले ने आर्थिक सुधारों पर लगाई ब्रेक: वीरभद्र सिंह

जालंधर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान आतंकवाद पीड़ित 117 परिवारों को 35,10,000 रुपये की वित्तीय सहायता बांटीं गई। हर पीड़ित परिवार को 30,000 रुपये की एफडीआर दी गई। इसके अलावा उन्हें घर में इस्तेमाल होने वाला समान भी दिया गया। इस दौरान पहुंचे हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने देश में आतंकियों की ओर से की जा रही मार काट की निंदा की।

इस दौरान हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में हिंसा खत्म होती दिखाई नहीं दे रही। उन्होंने कहा कि नोटबंदी का फैसला कालेधन को खत्म करने के लिए लिया गया था, लेकिन इसने आर्थिक सुधारों पर ब्रेक लगा दी है। सांसद सीताराम येचुरी ने कहा कि देश में इस समय फाइनेंशियल इमरजेंसी जैसे हालात हैं। 

जम्मू-कश्मीर के उप मुख्यमंत्री निर्मल सिंह ने कहा कि राष्ट्र हितों के लिए कश्मीर में कोई समझौता नहीं होगा। पंजाब विधानसभा के अध्यक्ष चरणजीत सिंह अटवाल ने कहा कि कन्याकुमारी से लेकर कश्मीर तक भारत को अपनी एकजुटता का प्रदर्शन करना चाहिए, ताकि देश विरोधी शक्तियों को मात दी जा सके। 

इस दौरान पंजाब कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष व मुख्य पार्टी प्रवक्ता सुनील जाखड़ ने कहा कि आतंकवाद से पीड़ित परिवारों की मदद का मसला राजनीतिक नहीं, बल्कि इंसानियत से जुड़ा हुआ है। पंजाब पुलिस के डीजीपी सुरेश अरोड़ा ने कहा कि पंजाब में आतंकवाद के काले दौर दौरान पंजाब पुलिस ने अपनी भूमिका का निर्वाह करके आतंकवाद को समाप्त करने में भूमिका निभाई है।
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नीति आयोग राज्य की अपेक्षाओं को पूरा करने में विफल: सीएम

मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने रविवार को जालंधर में एक कार्यक्रमम में कहा कि एनडीए सरकार की ओर से योजना आयोग को समाप्त कर उसके स्थान पर नीति आयोग बनाने का निर्णय जल्दबाजी में लिया गया है। नीति आयोग का दावा कि इससे केंद्र और राज्यों के संबंधों में मजबूती आएगी, ये पूरी तरह विफल रहा है। 

आयोग के गठन से पहले राज्यों को विश्वास में नहीं लिया गया। गठन से पूर्व राज्यों के साथ विचार-विमर्श किया जाना चाहिए था और इसके बाद ही राज्यों की वित्तीय आवश्यकताओं एवं भौगोलिक स्थितियों के अनुरूप आयोग का प्रारूप तैयार किया जाना चाहिए था। मुख्यमंत्री ने कहा कि नीति आयोग अपने आप में पूरी तरह से विफल है। 

राज्यों को एक या दो बैठकों में ही आमंत्रित किया गया। उन्होंने कहा कि योजना आयोग सही प्रकार से अपना कार्य कर रहा था और इससे जुड़े अर्थशास्त्री राज्यों की वित्तीय आवश्यकताओं के बारे भलीभांति परिचित थे, लेकिन आयोग को रातों-रात समाप्त करना एक व्यावहारिक निर्णय नहीं था। 

वीरभद्र्र सिंह ने कहा कि देश के सभी क्षेत्रों में एक समान शांति एवं समग्र विकास सुनिश्चित बनाने के अलावा, राज्यों के बीच यदि कोई मतभेद हो तो उन्हें दूर करना केंद्र सरकार का संवैधानिक दायित्व है। जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद को हर हालत में समाप्त करने की जरूरत है। 

हालांकि, जम्मू-कश्मीर में सरकारों के प्रयासों के बावजूद स्थिति और भी बदतर है। ऐसे में केंद्र सरकार का यह दायित्व बनता है कि वह सीमा पार से हो रहे आतंकवाद पर अंकुश के लिए कड़े कदम उठाए और घाटी में शांति की बहाली सुनिश्चित करे। 

उन्होंने कहा आतंकवाद के अलावा देश आज नशाखोरी के खतरे से जूझ रहा है और इसे सरकार तथा लोगों के संयुक्त प्रयासों से रोका जा सकता है। सरकारों को राजनीतिक संबद्धता से ऊपर उठकर बिना किसी भेदभाव के समाज का समान एवं संतुलित विकास सुनिश्चित बनाना चाहिए। चुनावी घोषणापत्र में सामाजिक-आर्थिक विकास को शामिल किया जाना चाहिए।
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