भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने सोलन के ठोडो मैदान में वीरभद्र सरकार को भ्रष्टाचार के मामले पर घेरा। उन्होंने वीरभद्र सिंह पर व्यक्तिगत तौर पर आरोप लगाया कि ऐसा मुख्यमंत्री पहली बार देखा है, जो सरकारी योजनाओं का पैसा अपने ही खाते में डाल रहा हो। उन्होंने कहा कि जिस प्रदेश का मुखिया ही भ्रष्टाचार में संलिप्त हो, उस राज्य का विकास संभव नहीं है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि हिमाचल में केंद्र सरकार की योजनाओं पर कोई काम नहीं हो रहा है। अन्य योजनाओं की पूर्ति के लिए भी वीरभद्र सरकार केंद्र के समक्ष अपनी मांगों को भी बेहतर तरीके से नहीं रख सकी है। ऐसे में कांग्रेस के प्रदेश की सत्ता में रहने से हिमाचल का विकास संभव नहीं है।
उन्होंने कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए कहा कि अगर केंद्र सरकार की इन योजनाओं को साकार करना है तो प्रदेश में भाजपा सरकार को प्रचंड बहुमत के साथ लाना होगा। आवन-जावन वाली सरकार नहीं चाहिए, बल्कि कार्यकर्ता हर स्तर पर ऐसा कार्य करें कि बीस साल तक प्रदेश की सत्ता से भाजपा कोई न हटा सके।
भांजा ननिहाल में जाए, मां खाना परोसने आ जाए...
भांजा ननिहाल में जाए, मां खाना परोसने आ जाए..., जब भांजा खाने ही न आए तो मां क्या खिलाए? अमित शाह ने त्रिदेव सम्मेलन के मंच से कुछ इस तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हिमाचल के साथ गहरे रिश्ते को बयां किया। कहा कि अटल बिहारी बाजपेयी के
समय हिमाचल प्रभारी बनकर यहां की जनता की नब्ज से पीएम भली-भांति परिचित हैं। हिमाचल को वह अपनी दूसरी जन्मभूमि मानते हैं। हिमाचल प्रेम का उदाहरण है कि स्वास्थ्य, सड़क और शिक्षा के लिए अरबों रुपये दिए हैं, लेकिन प्रदेश में सत्तासीन कांग्रेस की नाकामी इन विकास कार्यों के आड़े आ रही है।
यूपी, उत्तराखंड के बाद हिमाचल पहुंचेगा विजयरथ
अमित शाह ने कहा कि यूपी, उत्तराखंड के बाद हिमाचल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विजयरथ पहुंचेगा। उन्होंने सम्मेलन में तैनात बूथ अध्यक्ष, बूथ पालक और बूथ लेवल एजेंटों से आग्रह किया कि प्रदेश में जमीनी स्तर पर कार्य करें और उनका निष्पादन भाजपा
की जीत के साथ करें। त्रिदेवों को पार्टी का प्राण तत्व बताते हुए कहा कि केवल भारतीय जनता पार्टी ही देश में ऐसी पार्टी है, जो संगठन और विचाराधारा पर चलती है। अन्य पार्टियां घरानों, जाति और नेता के आधार पर चलती हैं। हिमाचल में कांग्रेस इसका उदाहरण है।
त्रिदेव सम्मेलन के बहाने रखी विस चुनावों की नींव
शिमला संसदीय क्षेत्र के त्रिदेव सम्मेलन के बहाने भाजपा ने सोलन के ऐतिहासिक ठोडो मैदान में मजबूती से विधानसभा चुनावों की तैयारियों की नींव रखी। राष्ट्रीय से लेकर प्रदेश के शीर्ष नेतृत्व ने सम्मेलन में मौजूद त्रिदेवों को कमिटमेंट, केल्कुलेशन और प्लानिंग का बीज मंत्र दिया।
नतीजतन, वोटर लिस्ट के हर पन्ने के एक-एक मतदाता तक भाजपा कार्यकर्ता संपर्क साध सकें। सम्मेलन के दौरान राष्ट्रीय कांग्रेस के साथ प्रदेश सरकार पर निशाना साधकर कांग्रेस को विधानसभा चुनावों की चुनौती दी।
राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने राष्ट्रीय योजनाओं और घोषणाओं के दम पर कार्यकर्ताओं से आम लोगों तक पहुंचने की अपील की। उन्होंने त्रिदेव सम्मेलन के आयोजन की प्रशासन की। खासकर जुटी भीड़ का हवाला देकर हर कार्यकर्ता को भाजपा की जीत के लिए पक्की नींव रखने का आह्वान किया।
बोले, हर कोई हाथ मलता रह जाएगा
प्रदेश की कांग्रेस सरकार को नाकाम करार देते हुए यह तक कह दिया कि केंद्र की भाजपा सरकार हिमाचल के विकास के लिए चाहे जितनी योजनाएं और धन की स्वीकृति दे, लेकिन जब तक वीरभद्र की कांग्रेस सरकार हिमाचल में सत्ता में रहेगी, तब तक विकास
नहीं होगा। साथ ही अध्यक्षीय भाषण के अंत में कार्यकर्ताओं को सलीके और मेहनत से काम करने की हिदायत देते हुए यह तक कह गए कि अगर पार्टी नियमों के आधार पर काम नहीं किया तो कुछ नहीं मिलेगा।
हर कोई हाथ मलता रह जाएगा। बातों-बातों में वह यह इशारा केवल कार्यकर्ताओं के लिए नहीं, बल्कि शीर्ष नेतृत्व के लिए भी कर गए। त्रिदेव सम्मेलन में शिमला संसदीय क्षेत्रों के करीब 2000 बूथों से करीब 6000 कार्यकर्ता मौजूद रहे। इस दौरान तीनों संसदीय क्षेत्रों से काफी संख्या में कार्यकर्ताओं की भीड़ देखने को मिली।
चहेतों को टेंडर बांटने पर सरकार को घेरेगी भाजपा
हिमाचल में टेंडर आवंटन को लेकर भाजपा प्रदेश सरकार को घेरेगी। रविवार को सोलन में आयोजित चार्जशीट कमेटी की बैठक में शराब माफिया और शराब के टेंडर को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में 24 दिसंबर को चार्जशीट राज्यपाल को सौंपने का फैसला लिया है। भाजपा त्रिदेव सम्मेलन के बाद चार्जशीट कमेटी की बैठक हुई।
इसमें नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार धूमल, सुरेश भारद्वाज, सतपाल सत्ती, मुख्य प्रवक्ता राजीव बिंदल सहित कमेटी के सदस्य मौजूद थे। राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को भी इस बैठक में शामिल होने का आग्रह किया गया, लेकिन व्यस्तता के चलते उन्होंने इसमें उपस्थित होने से मना कर दिया।
सूत्रों की मानें तो अमित शाह ने कमेटी के सदस्यों को बताया कि भाजपा चार्जशीट हिमाचल से संबंधित है। बैठक में हिमाचल में हो रहे अवैध खनन माफिया पर भी चर्चा हुई है। बैठक में यह भी चर्चा हुई कि टेंडर आवंटन में कांग्रेस के कौन-कौन से नेता शामिल हैं। इनको तथ्यों के साथ चार्जशीट में शामिल किया जाएगा।
चार्जशीट कमेटी के संयोजक सुरेश भारद्वाज ने कहा कि पहले यह देखा जाएगा कि कांग्रेस सरकार चार साल पूरा होने के उपलब्ध में कब सम्मेलन आयोजन करेगी। 24, 25 या फिर 26 को चार्जशीट सौंपी जानी है। बैठक में फिलहाल 24 दिसंबर तय किया गया है।