विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की हार के बाद मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने राज्यपाल आचार्य देवव्रत को अपना इस्तीफा सौंप दिया। राज्यपाल ने नई सरकार के गठन तक कार्यवाहक मुख्यमंत्री बने रहने का आग्रह किया।
वीरभद्र सिंह सुबह करीब 11.45 बजे राजभवन पहुंचे और 20 मिनट तक राज्यपाल से मुलाकात की। वीरभद्र के साथ उनके बेटे विक्रमादित्य सिंह थे। सरकार का कोई उनके साथ मंत्री नहीं था। विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को 21 और भाजपा को 44 सीटें मिली हैं।
इस्तीफे के दौरान राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने वीरभद्र सिंह को श्लोक ‘ईश्वरं यत् करोति, शोभनमेव करोति’ ईश्वर जो भी करता है वह अच्छे के लिए ही करता है सुनाया।
राज्यपाल ने मुख्यमंत्री को उनके लंबे राजनीतिक अनुभव से प्रदेश को लाभान्वित कर विकास करने में अहम योगदान देने के लिए बधाई दी। साथ ही उम्मीद जताई कि प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से उनके अनुभव का लाभ भविष्य में भी प्रदेश को मिलता रहेगा।