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हिमाचल में हार के बाद वीरभद्र सिंह ने राज्यपाल को सौंपा इस्तीफा

Wed, 20 Dec 2017 09:36 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की हार के बाद मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने राज्यपाल आचार्य देवव्रत को अपना इस्तीफा सौंप दिया। राज्यपाल ने नई सरकार के गठन तक कार्यवाहक मुख्यमंत्री बने रहने का आग्रह किया। 
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वीरभद्र सिंह सुबह करीब 11.45 बजे राजभवन पहुंचे और 20 मिनट तक राज्यपाल से मुलाकात की। वीरभद्र के साथ उनके बेटे विक्रमादित्य सिंह थे। सरकार का कोई उनके साथ मंत्री नहीं था। विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को 21 और भाजपा को 44 सीटें मिली हैं। 

इस्तीफे के दौरान राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने वीरभद्र सिंह को श्लोक ‘ईश्वरं यत् करोति, शोभनमेव करोति’ ईश्वर जो भी करता है वह अच्छे के लिए ही करता है सुनाया। 
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राज्यपाल ने मुख्यमंत्री को उनके लंबे राजनीतिक अनुभव से प्रदेश को लाभान्वित कर विकास करने में अहम योगदान देने के लिए बधाई दी। साथ ही उम्मीद जताई कि प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से उनके अनुभव का लाभ भविष्य में भी प्रदेश को मिलता रहेगा। 
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राज्यपाल ने बांधे वीरभद्र की तारीफों के पुल

राज्यपाल ने वीरभद्र की इस उम्र में भी मानसिक मजबूती की तारीफ की। उन्होंने कहा कि विपक्ष के चुनाव प्रचार के सामने वह अकेले ही पूरी ताकत से चुनाव में डटे रहे। इस पर वीरभद्र ने कहा कि वह जनादेश का सम्मान कर उसे स्वीकार करते हैं।

कई मसलों पर राजभवन से तकरार 
वीरभद्र सरकार और राजभवन कई ऐसे मसलों पर आमने-सामने भी रहे। खेल विधेयक, नौणी विश्वविद्यालय में वीसी की नियुक्ति और सरकार की कार्यप्रणाली को लेकर कई बार राजभवन ने सरकार पर सवाल खड़े किए तो सरकार ने भी टिप्पणी कर डाली। सीएम वीरभद्र ने तो खेल विधेयक रोकने पर कोर्ट जाने की बात कह डाली थी। विधेयक अभी भी अटका हुआ है। 

वीरभद्र चार विस क्षेत्रों से जीतने वाले अकेले नेता 
विधानसभा चुनाव में वीरभद्र सिंह के नाम एक और रिकॉर्ड जुड़ गया है। वे चार अलग-अलग विस क्षेत्रों से जीतने वाले सूबे के अकेले नेता बन गए हैं। वीरभद्र सिंह जुब्बल-कोटखाई, रोहड़ू, शिमला ग्रामीण के बाद अब अर्की से भी चुनाव जीत गए हैं। 
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