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ढांढस बधाने पहुंचे सीएम वीरभद्र सिंह भी हुए भावुक

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मणिपुर नक्सली हमले में शहीद हुए 6 डोगरा रेजीमेंट के जवान राजेश कुमार चंदेल के परिवार वाले अभी भी सदमे से बाहर नहीं आ पाए हैं। सीना फक्र से चौड़ा जरूर है। लेकिन, बेटे के खोने का गम अभी भी उनकी आंखों में साफ झलक रहा है।
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वीरवार को मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह सांत्वना देने के लिए शहीद राजेश कुमार चंदेल के घर पहुंचे तो परिवार के लोग फफक फफक के रो पड़े। मां फूट फूट के रोई तो पत्नी मीनाक्षी भी आंसुओं का सैलाब नहीं रोक पाई।

इस दौरान सीएम वीरभद्र सिंह भी कुछ देर के लिए भावुक हो गए। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के समक्ष पत्नी मीनाक्षी और संतोष फूट-फूट कर रो पड़ी।

गमगीन हो गया माहौल

इस मौके पर पूरा माहौल गमगीन हो गया। सीएम वीरभद्र सिंह के साथ ही उपायुक्त मानसी सहाय ठाकुर और अन्य नेताओं ने शहीद के परिवार को सांत्वना दी। सीएम वीरभद्र सिंह ने भी पूरे परिवार को सांत्वना देते हुए कहा कि इस परिवार को बेटे के खोने पर गम नहीं बल्कि गर्व होना चाहिए। राजेश अमर हुआ है। देश के नाम कुर्बान हुए इस शहीद का नाम स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा।

उधर, इस दौरान पूर्व सैनिक समिति के प्रदेशाध्यक्ष सूबेदार प्रकाश चंद की अगुवाई में एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से मुलाकात करते हुए सैनिकों से जुड़ी समस्याओं और मांगों का पत्र सौंपा। उन्होंने शहीदों की विधवाओं को प्राथमिकता के आधार पर नौकरी देने की मांग भी की।
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पत्नी से बोले- नौकरी देंगे

मुख्यमंत्री ने सैनिक वेलफेयर विभाग की ओर से शहीद के परिजनों को पांच हजार रुपये का चेक दिया और कहा कि शहीद की पत्नी को प्राथमिकता के आधार पर नौकरी दी जाएगी। वीरभद्र सिंह ने औहर-समोह (हीरापुर) सड़क को शहीद राजेश कुमार चंदेल का नाम देने का ऐलान भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत मां पर मर मिटने वाले राजेश की शहादत पर प्रदेश ही नहीं, देश को भी फख्र है। मुख्यमंत्री के पहुंचने पर गांव के लोग भी बिजली-पानी की समस्याओं को लेकर उनसे मिले।

वीरभद्र सिंह ने मौके पर ही आईपीएच विभाग को निर्देश दिए कि पंद्रह दिन के भीतर शहीद के गांव में पानी की समस्या का समाधान हो जाना चाहिए। उन्होंने गांव में उच्च क्षमता वाला ट्रांसफार्मर लगाकर बिजली समस्या को दूर करने के निर्देश बिजली बोर्ड को दिए। सीएम ने ऋषिकेश, औहर-समोह होते हुए झंडूता तक बस चलाने का आश्वासन भी दिया।
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