हिमाचल प्रदेश में डेपुटेशन पर सेवाएं दे रहे सभी शिक्षकों को सरकार ने बड़ा झटका दिया है। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने मंगलवार को अतिरिक्त मुख्य सचिव शिक्षा पीसी धीमान को अपने दफ्तर में बुलाकर डेपुटेशन रद्द करने के आदेश दिए हैं।
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प्रदेश के ग्रामीण स्कूलों में चल रहे रिक्त पदों पर संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री ने प्रारंभिक और उच्च शिक्षा निदेशालयों से डेपुटेशन वाले सभी शिक्षकों के नाम तलब किए हैं। डेपुटेशन वाले शिक्षकों को इसी महीने स्थायी नियुक्ति वाले स्कूलों में वापस भेजा जाएगा।
प्रदेश में हजारों शिक्षक शहरी क्षेत्रों से सटे स्कूलों में अपना डेपुटेशन करवाते आए हैं। ऐसे में गांवों में स्थित कई स्कूल बीते लंबे अरसे से शिक्षकों की कमी से जूझ रहे हैं।
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डूबलू स्कूल में हड़ताल के बाद एक्शन में आई सरकार
डूबलू स्कूल में धरना प्रदर्शन करते छात्र एवं अभिभावक
- फोटो : अमर उजाला
बीते दिनों कसुम्पटी विधानसभा क्षेत्र के तहत राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला डुबलू में इसी कारण पढ़ाई ठप होने का मामला सामने आया है। शिक्षकों की कमी के चलते छात्रों और अभिभावकों ने स्कूल में हड़ताल शुरू कर दी।
स्कूल प्रबंधन समिति भी इनके समर्थन में उतर आई। शनिवार से स्कूल में हड़ताल चल रही है। मंगलवार को कसुम्पटी के विधायक अनिरुद्ध सिंह ने डुब्लू स्कूल में शिक्षकों के पदों को भरने की मांग को लेकर आंदोलनरत अभिभावकों और छात्रों की समस्या को लेकर मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से मुलाकात की।
उन्होंने डुबलू सहित पूरे प्रदेश भर में शिक्षकों को डेपुटेशन पर भेजे जाने और रिक्त पदों के कारण पेश आ रही समस्या का समाधान करने की मांग को उठाया। मुख्यमंत्री ने इसे गंभीरता से लेते हुए अतिरिक्त मुख्य सचिव शिक्षा पीसी धीमान को बुलाकर तुरंत सभी डेपुटेशन को रद्द करने के आदेश दिए।
डुबलू स्कूल में छात्र और अभिभावकों का आंदोलन जारी
डूबलू स्कूल में धरना प्रदर्शन करते छात्र
- फोटो : अमर उजाला
वहीं, वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला डुबलू में शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति को तुरंत रद्द किए जाने और रिक्त पड़े शिक्षकों के पदों को भरे जानी की मांग को लेकर आंदोलन पर उतरे सैकड़ों अभिभावकों और स्कूली छात्रों ने मंगलवार को भी कक्षाओं का बहिष्कार जारी रखा।
सुबह दस बजे से करीब चार बजे तक अभिभावकों के साथ स्कूल के छठी से लेकर बारहवीं कक्षा तक के करीब पौने तीन सौ छात्र छात्राएं भी आंदोलन पर डटे रहे। स्कूल के छात्रों के इन दिनों हाउस टेस्ट होने थे, मगर शिक्षकों के रिक्त पदों को भरने को शुरू किए इस आंदोलन में सभी छात्रों के शामिल होने से हाउस टेस्ट नहीं हो पाए।
वहीं कक्षाओं में पढ़ाई पूरी तरह से बंद रही। स्कूल प्रधानाचार्य देश राज कपूर का कहना है कि छात्रों के कक्षाओं में न होने से हाउस टेस्ट नहीं हो पा रहे हैं। एसएमसी की अध्यक्ष करुणा धीमान, बलोग पंचायत प्रधान रचना राणा, उप प्रधान पूर्ण दत्त सहित अभिभावकों नरेंद्र प्रकाश, युवक मंडल अध्यक्ष कमल, बड़ महिला मंडल प्रधान अनिता डुबलू महिला मंडल प्रधान प्रोमिला ने कहा कि छात्रों के भविष्य से कई सालों से किए जा रहे खिलवाड़ को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने प्रतिनियुक्ति पर भेजे शिक्षकों को तुरंत वापस बुलाने और रिक्त पदों को भरे जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि स्कूल में तीन दिन से अभिभावक तथा छात्र आंदोलन पर हैं, कक्षाएं बंद हैं। विभाग का कोई भी अधिकारी उनसे बात तक करने नहीं आया और न ही समस्या का समाधान निकाला गया। इससे जाहिर है कि शिक्षा विभाग के अधिकारियों को छात्रों की पढ़ाई और उनके भविष्य की कोई चिंता नहीं है।
तबादलों पर पूर्ण प्रतिबंध, आदेशों की अवहेलना न करें विभाग
वहीं, हिमाचल सरकार की ओर से सभी प्रशासनिक अधिकारियों, विभागाध्यक्षों, मंडलायुक्तों और उपायुक्तों को निर्देश जारी किए हैं कि प्रदेश में तबादलों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। इसके बावजूद आदेशों की अनुपालना नहीं की जा रही है।
इसका सरकार ने गंभीरता से संज्ञान लिया है। राज्य सरकार ने फिर से आदेश जारी किए हैं कि किसी भी विभाग, बोर्ड और निगम में किसी भी तरह के तबादले एवं एडजस्टमेंट नहीं होगी। कोई भी तबादला आदेश मुख्यमंत्री की प्रारंभिक स्वीकृति के बाद ही होगा।
ये आदेश मुख्य सचिव वीसी फारका के हवाले से अतिरिक्त मुख्य सचिव कार्मिक तरुण श्रीधर ने जारी किए हैं।