हिमाचल हाईकोर्ट ने प्रदेश विश्वविद्यालय में चल रही शिक्षकों की कमी पर स्वत: संज्ञान लेते हुए मुख्य सचिव, अतिरिक्त मुख्य सचिव शिक्षा और विश्वविद्यालय प्रबंधन को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
मुख्य न्यायाधीश मंसूर अहमद मीर और न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान की खंडपीठ ने यह आदेश पारित किए। मामले के अनुसार प्रदेश विश्वविद्यालय में नये सत्र 2016-17 के लिये प्रवेश प्रक्रिया लगभग पूर्ण होने को है।
लेकिन विश्वविद्यालय के सभी विभागों में अभी तक शिक्षकों की नियुक्तियां नही हो पा रही हैं। विश्वविद्यालय के सबसे बड़े विभाग विधि जिसमें करीब 500 छात्र-छात्राएं शिक्षा ग्रहण करते हैं, में मात्र पांच शिक्षक रह गए हैं। 11 शिक्षकों के पद पिछले कई वर्षों से रिक्त पड़े हुए हैं।
वर्ष 2000 के बाद विश्वविद्यालय के विधि विभाग में शिक्षकों की नियुक्तियां नहीं हुई है। कुछ शिक्षकों के साक्षात्कार लेने के बावजूद भी नियुक्तियां नहीं दी गई। इसके अलावा अन्य विभागों में भी शिक्षकों की कमी है। हाईकोर्ट के आदेशों के बाद भी रिक्त शिक्षकों के पदों को नहीं भरा जा रहा है। मामले पर आगामी सुनवाई 22 अगस्त को होगी।
आदेशों की अनुपालना ना करने पर अधिकारी तलब
प्रदेश उच्च न्यायालय ने पिछले आदेशों की अनुपालना न होने पर कड़ा संज्ञान लिया है। मुख्य न्यायाधीश मंसूर अहमद मीर और न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान की खंडपीठ ने बस अड्डा प्रबंधन व विकास प्राधिकरण के कार्यकारी अधिकारी, इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलेपमेंट बोर्ड, पर्यटन विभाग के प्रबंधक निदेशक, प्रधान सचिव लोक निर्माण विभाग, आयुक्त नगर निगम, वन मंडल अधिकारी (शहरी) अरण्यपाल शिमला, अधीक्षण अभियंता विद्युत बोर्ड, वरिष्ठ मंडल अभियंता उत्तर रेलवे अंबाला को कोर्ट के समक्ष तलब किया है।
आशा चौहान ने हाईकोर्ट के समक्ष याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि बस अड्डा प्रबंधन व विकास प्राधिकरण शिमला में बस अड्डा रिपेयर की एवज में वेटिंग रूप को शापिंग कांप्लेक्स में तबदील कर रहा है। हाईकोर्ट ने इस याचिका को जनहित से जुड़ा मामला पाते हुए इसे विस्तार देते हुए शिमला शहर से जुड़े पार्किंग के मुद्दे को लेकर जरूरी दिशा निर्देश दिए थे।
न्यायालय को बताया कि उत्तर रेलवे को बस अड्डा के साथ मल्टी स्टोरी पार्किंग बनाने के आदेश जारी किए थे लेकिन रेलवे गोदाम को गिराने के बाद खाली स्पेस को पार्किंग के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। मल्टी स्टोरी पार्किंग का कार्य अभी तक शुरू नहीं किया गया है। मामले की अगली सुनवाई 16 अगस्त को होगी।