मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि करांगला की कोट काली माता ने उनको कुछ साल पहले सपने में दर्शन दिए और कहा - मंदिर गिर रहा है। माता ने कहा कि इस मंदिर का जीर्णोद्धार किया जाए। इसके बाद से कोटा काली माता मंदिर का जीर्णोद्धार करने का संकल्प लिया और डीसी शिमला को मंदिर का जीर्णोद्धार कार्य कराने को कहा।
फिर मंदिर कमेटी के अध्यक्ष ज्ञान चंद मेहता को निर्माण कार्य कराने का जिम्मा सौंपा गया। छह साल पहले मंदिर का निर्माण कार्य शुरू किया गया था और अब यह एतिहासिक मंदिर नए स्वरूप में है।
तीन दशक बाद मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह अपनी धर्मपत्नी प्रतिभा सिंह सहित मंगलवार सुबह 11:30 बजे कोट काली माता के मंदिर में पूजा अर्चना करने पहुंचे। उन्होंने करीब आधा घंटा पूजा की।