मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि मुझे राजनीति नहीं आती। मैं हिमाचल की जनता का प्रथम सेवक हूं। सातवीं बार मुख्यमंत्री बनने की बात पर बोले कि वही होगा जो विधाता और हिमाचल के लोगों को मंजूर होगा। उन्होंने एपीएमसी को आदेश दिया कि कोई भी सेब विक्रेता सड़कों पर नहीं दिखना चाहिए। सेब मंडियों में ही बिकना चाहिए। बाहरी लोगों के हाथों में हिमाचल के बागवानों का शोषण नहीं होना चाहिए।
मुख्यमंत्री सोमवार को यहां पराल मंडी का लोकार्पण करने के बाद लोगों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि छैला-कुमारहट्टी सड़क की 106 करोड़ डीपीआर तैयार है और जल्दी विश्व बैंक की मंजूरी को भेजेंगे। इस सड़क के बनने सेब सीधे ही सोलन होते हुए दूसरे राज्यों में बेचा जा सकेगा।
बाली का लंच सोमवार को फिर चर्चा में रहा। बाली ने सचिवालय में कांग्रेस विधायक आशा कुमारी और मुख्यमंत्री के करीबी दो अधिकारियों के साथ लंच किया। इस लंच की पूरे दिन सचिवालय में चर्चा रही। इससे पहले बाली मुख्यमंत्री के साथ रहे।
वीरभद्र मेरे सीएम और मैं उनका मंत्री : बाली
ठियोग में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने आईटीआई भवन का उद्घाटन भी किया। इस दौरान जीएस बाली भी मौजूद रहे। बाली ने कहा कि मेरा सीएम के साथ कोई इश्यू नहीं है। वो मेरे सीएम हैं और मैं उनका मंत्री हूं। हमारा दशकों पुराना साथ रहा है। रोजगार यात्रा के बारे में मैं पहले भी कह चुका हूं कि अभी तक इस पर कोई कमेंट नहीं करूंगा।