भवन निर्माण योजनाओं की स्वीकृतियों के साथ पंजीकरण की ऑनलाइन सेवाएं देने वाला हिमाचल देश का पहला राज्य बन गया है। ये सेवाएं नगर नियोजन विभाग के वेबपोर्टल पर उपलब्ध करवाई गई हैं। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने नगर नियोजन विभाग की ऑनलाइन सेवाओं का शुभारंभ किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वेबपोर्टल का प्रमुख उद्देश्य योजना क्षेत्रों जैसे साडा, नगर निगमों में स्वीकृतियों के लिए आवेदकों को ऑनलाइन सुविधा देना है। बिल्डरों और निजी व्यवसायियों को भी ऑनलाइन पंजीकरण और लाइसेंस प्राप्त करने की सुविधा दी गई है।
इससे विभाग की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही और कार्यकुशलता में भी सुधार आएगा। इसके अलावा वेब पोर्टल पर प्रबंध सूचना प्रणाली भी उपलब्ध करवाई गई है। इसके माध्यम से मामूली शुल्क वसूल किया जाएगा। कहा कि यह ई सेवा परियोजना पूरे रिकार्ड के अंकीकरण में सहायक होगा।
इस पर सामग्री प्रबंधन प्रणाली की सुविधा भी दी गई है। इस वेब पोर्टल के आरंभ होने से नगर नियोजन विभाग आवेदन शुल्क के रूप में योजना क्षेत्रों, विशेष क्षेत्रों, नगर निगमों व नगर परिषदों में राजस्व एकत्र कर सकेगा। सभी प्रकार के शुल्क के रूप में आवेदकों से 0.5 प्रतिशत तक ई चार्ज वसूल किया जाएगा।
वीरभद्र सिंह ने इस परियोजना के लिए विभाग के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि विभाग प्रदेश के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों के योजनाबद्ध एवं सतत विकास की दिशा में बेहतर कार्य कर रहा है। शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा ने कहा कि आम जनता, बिल्डरों और वास्तुकारों को शुल्क जमा करवाने के लिए विभाग ने इस वेबसाइट पर एचडीएफसी बैंक के माध्यम से गेटवे की सुविधा दी है।
इस गेटवे पर बैंक हितधारकों से कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लेगा। उन्होंने कहा कि यह परियोजना वर्ष 2015-16 के लिए हिमाचल प्रदेश राज्य नवीनीकरण पुरस्कार योजना के तहत 54 लाख रुपये से अधिक धनराशि प्रदान करने के लिए विचाराधीन है।
इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य सचिव नगर नियोजन विभाग मनीषा नंदा ने वैब पोर्टल की विशेषताओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी। नगर नियोजन विभाग के निदेशक संदीप कुमार, सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की निदेशक प्रियंका बासु सहित कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।