फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सीएम ने एचपीसीए पर खड़े किए सवाल, जेटली को भी लपेटा

विज्ञापन
विज्ञापन
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने धर्मशाला स्टेडियम में बने पांच सितारा होटल पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व की धूमल सरकार के समय में धर्मशाला में खिलाड़ियों के लिए पांच सितारा होटल बनाने के नाम पर पर्चे में भूमि की किस्म को बंजर दिखाया गया। जबकि, वहां पर होटल बनने के बाद आज भी करीब 1400 पेड़ खड़े हैं।
विज्ञापन


ऐसा कैसे हो सकता है कि जिस जमीन को बंजर दिखाया हो, वहां पर होटल बनने के बावजूद आज भी 1400 पेड़ खड़े हों। इससे जाहिर होता है कि क्रिकेट घोटालों का खेल बन गया है। ऐसे में जरूरी है कि खेल संस्थाओं से जवाबदेही तय होनी चाहिए।

मैं यही काम कर रहा हूं, जो मेरे लिए मुसीबत बन गई। बदले में मेरे खिलाफ झूठे केस बनाए जा रहे हैं। लेकिन, मैं डरने वाला नहीं हूं। मैं हिमाचल की सरकारी जमीन को किसी को हड़पने नहीं दूंगा। अनियमितता करने वाला चाहे मेरा बेटा या भाई ही क्यों न करे, वह भी नहीं बच सकते हैं।
विज्ञापन

जेटली ने दिल्ली में किया करोड़ों का घोटाला

मुख्यमंत्री ने कहा कि वित्त मंत्री अरुण जेटली भी दिल्ली में जिस क्रिकेट संघ के अध्यक्ष रहे, उसमें करोड़ों रुपये के घोटाले हुए। भाजपा के ही नेता एवं पूर्व क्रिकेटर कीर्ति आजाद ने क्रिकेट में घोटाले को लेकर अरुण जेटली के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।

धूमल परिवार से स्टेडियम का झगड़ा
शाहपुर विधानसभा क्षेत्र के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला रैत में जनसभा के दौरान मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि धूमल परिवार से सारा झगड़ा क्रिकेट स्टेडियम की वजह है। एचपीसीए के नाम पर ठगी की गई है।

सरकार को बिना बताए इसे एसोसिएशन से कंपनी बना दिया गया। हिमाचल में धूमल सरकार के समय सूबे की जमीन को क्रिकेट के नाम पर कौड़ियों के भाव लेकर अब चंद लोग उसके मालिक बनने की कोशिश कर रहे हैं।
विज्ञापन

अनुराग से रंजिश नहीं, बस सीधे रास्ते पर आ जाएं

वीरभद्र ने कहा कि मेरी किसी के साथ कोई रंजिश नहीं है। अनुराग तो मेरे बेटे की तरह हैं। अगर वह सीधे रास्ते पर आ जाएं, एचपीसीए को कंपनी से फिर से एसोसिएशन में बदल लें तो मुझे क्या समस्या हो सकती है।

वीरभद्र हटाओ और धूमल बचाओ नारा देती भाजपा
भाजपा से वीरभद्र सिंह के विरोध में धूमल परिवार और उनके कुछ चंद साथी हैं। मेरे खिलाफ वीरभद्र हटाओ और हिमाचल बचाओ का नारा दिया गया। यह कैसा नारा है। होना तो चाहिए था कि भाजपा नारा देती वीरभद्र हटाओ और धूमल बचाओ।

मैने कभी भी धूमल को फंसाने के लिए कोई कदम नहीं उठाया है। बावजूद मुझे धूमल ने हमेशा झूठे केसों में फंसाने की कोशिश की है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें