हालांकि चार लाख में से कुछ लोगों को फौरी राहत के रूप में 1.30 लाख रुपये दिए भी जा चुके हैं। सात लाख में से शेष तीन लाख रुपये दो अलग-अलग किस्तों में बाद में जारी किए जाएंगे। इससे पहले मुख्यमंत्री सुबह पनारसा पहुंचे और वहां राजकीय डिग्री कॉलेज का लोकार्पण किया। इसके बाद पू मंडी पहुंचे और पड्डल मैदान में विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों के साथ संवाद किया। इसी दौरान सीएम इस बरसात में आपदा से प्रभावित परिवारों को राहत राशि वितरित की।
मंडी जिले के 717 घर पूरी तरह ध्वस्त हुए, जिन्हें पहली किस्त के तौर पर चार लाख रुपये मिलेंगे। इसके अलावा बिलासपुर जिले के करीब 600 और कुल्लू जिले के 500 ऐसे परिवार हैं, जिन्हें सीधे तौर पर यह लाभ मिलेगा। आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त घरों के मामलों में 90 हजार रुपये प्रति प्रभावित परिवार दिए जाएंगे। आपदा के दौरान सामान की क्षति पर 70 हजार रुपये, गोशाला के क्षतिग्रस्त होने पर 50 हजार रुपये, खेती योग्य या बागवानी भूमि के नुकसान पर प्रति बीघा 10 हजार रुपये और फसलों के नुकसान पर प्रति बीघा 4 हजार रुपये देने का प्रावधान किया गया है। पशुधन के नुकसान पर 9 हजार रुपये प्रति पशु और दुधारू पशु की मृत्यु की स्थिति में 55 हजार रुपये प्रति पशु राहत राशि मिलेगी।
राजकीय महाविद्यालय पनारसा का लोकार्पण किया
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने मंडी जिले के पनारसा में राजकीय महाविद्यालय पनारसा के 13.14 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित भवन का लोकार्पण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा प्रदेश सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में से एक है। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा में व्यवस्था परिवर्तन के माध्यम से गुणात्त्मक शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि नए संस्थान खोलने का उद्देश्य केवल इमारतें खड़ी करना नहीं होना चाहिए, बल्कि उनमें पढ़ने वाले विद्यार्थियों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की पहुंच सुनिश्चित करना है। वर्तमान प्रदेश सरकार विद्यार्थियों के लिए पर्याप्त स्टाफ की उपलब्धता सुनिश्चित कर रही है ताकि उनमें आत्मविश्वास का संचार हो और वह भविष्य की चुनौतियों का सामना कर सकें।
मुख्यमंत्री ने महाविद्यालय पनारसा में अगले सत्र से सेल्फ फाइनेंसिंग आधार पर बीवॉक और बीसीए की कक्षाएं शुरू करने की घोषण की। उन्होंने कहा कि इन पाठ्यक्रमों को शुरू करने से विद्यार्थियों को रोजगारोन्मुख शिक्षा मिलेगी। पूर्व मंत्री कौल सिंह ठाकुर ने मुख्यमंत्री का द्रंग विधानसभा क्षेत्र का तीव्र विकास सुनिश्चित करने के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय पनारसा में विज्ञान कक्षाएं शुरू करने से विद्यार्थियों की संख्या में वृद्धि होगी और इससे कुल्लू महाविद्यालय का दबाव भी कम होगा। पनारसा पहुंचने पर स्थानीय लोगों और विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री का भव्य स्वागत किया। इस अवसर पर राजस्व एवं बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी, पूर्व विधायक जवाहर ठाकुर, एपीएमसी अध्यक्ष कुल्लू राम सिंह मियां, एचपीएमसी निदेशक जोगिंद्र गुलेरिया, जिला परिषद अध्यक्ष अनीता ठाकुर व अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।