हिमाचल प्रदेश सरकार ने सचिवालय में तैयार की जाने वाली योजनाओं की गोपनीयता को लीक करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की तैयारी शुरू कर कर दी है। शुक्रवार को सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से एक पत्र जारी कर फैसले लेने की प्रक्रिया के दौरान जानकारी को लीक करने वालों को अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए चेताया है।
सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी प्रशासनिक सचिवों सहित शाखा प्रभारियों, निजी सचिवों और अनुभाग अधिकारियों को इस बाबत लिखित निर्देश जारी किए हैं। पत्र में स्पष्ट किया गया है कि सचिवालय की गोपनीय सूचनाएं लीक होने की लगातार शिकायतें मिल रही हैं। सरकारी कार्यों में कोताही बरतने और सीसीएस नियम 1964 का यह उल्लंघन हैं।
सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को सरकारी योजनाओं और फैसलों की गोपनीयता का पूरा ख्याल रखने को कहा गया है। पत्र में कहा है कि जब तक सरकार कोई निर्णय लेने संबंधी अधिसूचना जारी ना कर दे, तब तक किसी भी सूचना को किसी के साथ साझा न किया जाए। भविष्य में इस तरह के मामले अगर सामने आए तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
हिमाचल में बंद नहीं होगी सीएम हेल्पलाइन
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा है कि हिमाचल प्रदेश में सीएम हेल्पलाइन नंबर 1100 बंद नहीं होगा। हेल्पलाइन की कार्यप्रणाली को और अधिक मजबूत किया जाएगा। जन शिकायतों के निवारण को नवोन्मेषी योजनाएं शुरू की जाएंगी। शुक्रवार सुबह मुख्यमंत्री ने टुटीकंडी क्रॉसिंग स्थित बहुमंजिला पार्किंग का निरीक्षण किया। उन्होंने 11 मंजिला इस भवन में अभी छह मंजिलें खाली होने पर चिंता जताते हुए किराए के भवनों में चल रहे सरकारी कार्यालयों को यहां शिफ्ट करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि परिसर में सभी खाली दीवारों पर विशाल खिड़कियों का निर्माण किया जाना चाहिए, ताकि उचित हवा और रोशनी का प्रवाह हो सके। उन्होंने कहा कि पार्किंग की ऊपरी मंजिलों पर हिमाचल पथ परिवहन निगम की बसों की चार्जिंग के लिए चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए कि इस पार्किंग में किसी भी निजी बस को खड़ा नहीं होने दिया जाए।
सीएम हेल्पलाइन कार्यालय का निरीक्षण करते हुए लोगों की शिकायतों के त्वरित निवारण के लिए सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के अधिकारियों को हेल्पलाइन की कार्यप्रणाली को और सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। उन्होंने नागरिकों से स्वचालित प्रतिक्रिया प्राप्त करने के लिए व्हाट्सएप, चैट बॉट्स और वॉयस बॉट्स जैसी नवोन्मेषी योजनाएं शुरू करने पर भी बल दिया।
इस अवसर पर निदेशक सूचना प्रौद्योगिकी मुकेश रेपसवाल ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की कार्यप्रणाली पर प्रस्तुति दी। विधायक अनिरुद्ध सिंह, अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त प्रबोध सक्सेना, प्रधान सचिव भरत खेड़ा, सुभाशीष पंडा, देवेश कुमार, मुख्यमंत्री के ओएसडी गोपाल शर्मा, हिमाचल पथ परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक संदीप कुमार, नगर निगम शिमला के आयुक्त आशीष कोहली इस दौरान मौजूद रहे।