फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

CM Sukhu: सुक्खू सरकार ने खोली झोली, 4500 करोड़ का आपदा राहत पैकेज घोषित

Sun, 01 Oct 2023 10:33 AM IST
अरविन्द ठाकुर अमर उजाला ब्यूरो, शिमला

सार

सरकार भूमिहीनों को मकान बनाने के लिए शहरी क्षेत्र में दो और गांव में तीन बिस्वा भूमि देगी। घर बनाने के लिए सीमेंट भी सरकारी रेट (280 रुपये प्रति बैग) पर दिया जाएगा।
विज्ञापन
राज्य सचिवालय में आपदा राहत पैकेज की घोषणा करते मुख्यमंत्री। - फोटो : संवाद
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

सुक्खू सरकार ने आर्थिक तंगी के बावजूद हिमाचल में भारी बरसात से पीड़ित लोगों के लिए 4,500 कराेड़ रुपये का आपदा राहत पैकेज घोषित किया है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि 3,500 करोड़ रुपये राज्य सरकार अपने संसाधनों से खर्च करेगी। 1,000 करोड़ रुपये मनरेगा के तहत व्यय होंगे। सरकार पूरी तरह से क्षतिग्रस्त 3,500 मकानों के निर्माण के लिए सात-सात लाख की मदद देगी।

विज्ञापन


घर बनाने के लिए सीमेंट भी सरकारी रेट (280 रुपये प्रति बैग) पर दिया जाएगा। आवास निर्माण के दौरान बिजली-पानी का खर्चा भी सरकार ही उठाएगी। कच्चे-पक्के मकानों को नुकसान पहुंचने पर आर्थिक मदद 15 से 25 गुणा बढ़ाई गई है। सरकार भूमिहीनों को मकान बनाने के लिए शहरी क्षेत्र में दो और गांव में तीन बिस्वा भूमि देगी। राज्य में 16 हजार से अधिक घर आपदा से पूरी तरह या आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं।

सुक्खू ने शनिवार को सचिवालय में आयोजित प्रेसवार्ता में बरसात में हुए नुकसान की भरपाई के लिए ‘पुनरुत्थान और पुनर्वास’ नाम से विशेष पैकेज की घोषणा की। पैकेज सात जुलाई से 30 सितंबर की अवधि के बीच लागू रहेगा। पैकेज में आवास के ढांचागत नुकसान के अलावा मवेशियों, कृषि और बागवानी भूमि के नष्ट होने की स्थिति में राहत राशि जारी होगी।
विज्ञापन


विशेष बात है कि किसी भी तरह के राहत पैकेज के लिए सालाना आय सीमा लागू नहीं होगी। सरकार विभागों के बजट में कटौती कर और अपने संसाधनों से पैकेज देगी। केंद्र से आपदा राहत के नाम पर मदद नहीं मिली है। जो राशि एनडीआरएफ और एसडीआरएफ में मिली है, वह पहले से देय थी।

सरकारी रेट पर 280 रुपये में देंगे सीमेंट बैग 
-मकान के निर्माण के दौरान बिजली और पानी की खर्चा भी सरकार उठाएगी 
-आपदा राहत पैकेज को लागू करने की 
-अवधि सात जुलाई से 30 सितंबर तक रहेगी 
-प्रदेश में 16 हजार से अधिक घर हुए आपदा से पूरी तरह या आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त 
-किसी भी तरह के राहत पैकेज के लिए सालाना आय सीमा लागू नहीं होगी 
-बच्चों की पढ़ाई जितने दिन प्रभावित हुई, उन्हें उतने दिन अतिरिक्त पढ़ाया जाएगा

पैकेज प्रस्ताव का समर्थन न कर भाजपा ने किया धोखा 
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने आपदा को युद्ध की तरह लड़ा है। मानसून सत्र में भी इस पर तीन दिन तक बहस हुई। प्रदेश में राष्ट्रीय आपदा घोषित करने और केंद्र से हिमाचल को विशेष राहत पैकेज की मांग का प्रस्ताव रखा गया, मगर भाजपा ने प्रस्ताव का समर्थन न कर लोगों के साथ धोखा किया है। वह प्रदेश के आम लोगों का धन्यवाद करते हैं कि उन्होंने दिल खोल प्रदेश सरकार की मदद की। छोटे बच्चों ने भी अपने गुल्लक तोड़ दिए, ऐसे में अब तक राहत कोष में 254 करोड़ रुपये का योगदान पहुंच चुका है।
विज्ञापन

1051 करोड़ की राशि कल जारी करेगी सरकार
मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा और राहत कार्यों के लिए सरकार सोमवार को 1,051 करोड़ रुपये की मदद जारी करेगी। इसे विभिन्न विभागों के लिए जारी किया जा रहा है। कहा कि जिन बच्चों की पढ़ाई जितने दिन भी प्रभावित हुई, उन्हें उतने दिन ही अतिरिक्त दिन पढ़ाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा िक आपदा की वजह से बच्चों को स्कूल से अवकाश लेना पड़ा। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें