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Himachal: सीएम सुक्खू ने इन विधायकों के साथ उनकी प्राथमिकताओं पर की चर्चा, जानें किसने क्या मांग रखी

Sat, 07 Feb 2026 03:57 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला।

सार

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार ने तीन वर्षों के दौरान अपने संसाधनों से 26,683 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया है। 
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सीएम सुखविंद्र सुक्खू ने विधायकों के साथ उनकी प्राथमिकताओं पर चर्चा की। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शनिवार को वित्त वर्ष 2026-27 के लिए विधायक प्राथमिकता बैठक के दूसरे दिन के पहले सत्र में कुल्लू, मंडी तथा शिमला जिले के विधायकों के साथ उनकी प्राथमिकताओं पर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार ने तीन वर्षों के दौरान अपने संसाधनों से 26,683 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार को वाइल्ड फ्लावर हॉल होटल के स्वामित्व से लगभग 401 करोड़ रुपये का वित्तीय लाभ हुआ है और प्रतिवर्ष 20 करोड़ रुपये की आय होने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार के प्रयासों से कड़छम-वांगतू जल विद्युत परियोजना में राज्य को मिलने वाली रॉयल्टी 12 प्रतिशत से बढ़कर 18 प्रतिशत हो गई है जिससे राज्य को हर वर्ष लगभग 150 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय होगी। सुक्खू ने कहा कि 15वें वित्त आयोग द्वारा हिमाचल को राजस्व घाटा अनुदान के रूप में 37,199 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई थी। उन्होंने कहा कि यह राशि घटते अनुपात में राज्य को जारी की गई।

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उन्होंने कहा कि प्रदेश को वर्ष 2021-22 में 10,249 करोड़, वर्ष 2022-23 में 9,377 करोड़, वर्ष 2023-24 में 8,057 करोड़, वर्ष 2024-25 में 6,249 करोड़ और वर्ष 2025-26 में 3,257 करोड़ रुपये राजस्व घाटा अनुदान प्राप्त हुआ।
उन्होंने कहा कि अब 16वें वित्त आयोग की ओर से राजस्व घाटा अनुदान को बंद करने से प्रदेश को लगभग 50 हजार करोड़ रुपये का नुकसान होगा। उन्होंने कहा कि राजस्व घाटा अनुदान समाप्त करना हिमाचल जैसे पहाड़ी व कठिन भौगोलिक परिस्थिति वाले राज्य के साथ अन्याय है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के इस निर्णय से राज्य की विकास योजनाएं प्रभावित होंगी और प्रदेश में चल रही कल्याणकारी योजनाओं व वेतन व पेंशन आदि पर भी विपरीत असर पड़ने की संभावना है। उन्होंने केंद्र सरकार से हिमाचल की विशेष परिस्थितियों को देखते हुए राजस्व घाटा अनुदान को बहाल करने तथा विशेष आर्थिक सहायता देने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री कहा कि सीमावर्ती पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भारत-चीन सीमा पर शिपकीला दर्रा पर बॉर्डर टूरिज्म गतिविधियों की शुरूआत की गई है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय बजट 2026-27 में पूर्वोत्तर राज्यों के लिए के लिए बौद्ध सर्किट की घोषणा की गई है लेकिन हिमाचल, जो बौद्ध संस्कृति का एक बड़ा केंद्र है, यहां के बौद्ध सर्किट को इससे बाहर रखना भेदभावपूर्ण है। उन्होंने कहा कि हिमाचल में विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल हैं परंतु पर्यटन के विकास के लिए किसी योजना का बजट में प्रावधान नहीं है।

जिला कुल्लू की प्राथमिकताएं
मनाली के विधायक भुवनेश्वर गौड़ ने कहा कि आरडीजी बंद होना प्रदेश के लिए अच्छा नहीं है और सभी को मिलकर केंद्र सरकार पर इसे बहाल करने के लिए दबाव डालना चाहिए। उन्होंने मनाली में आइस स्केटिंग रिंक का निर्माण करने और लेफ्ट बैंक सड़क को सुदृढ़ करने की मांग की। उन्होंने पर्यटन सीजन के दौरान पुलिस कर्मियों की संख्या बढ़ाने और बर्फ हटाने के लिए छोटी मशीनें प्रदान करने का आग्रह भी किया।   कुल्लू विधायक सुंदर सिंह ठाकुर ने कुल्लू हवाई अड्डे के विस्तार की मांग करते हुए कुल्लू के लिए हेली टैक्सी सुविधा शुरू करने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने क्षेत्र के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत स्वीकृत सड़कों के निर्माण कार्य को समयबद्ध पूरा करने और मणिकर्ण के लिए वैकल्पिक सड़क बनाने की मांग की, ताकि क्षेत्र में जाम की समस्या से छुटकारा मिल सके। उन्होंने कुल्लू में मदर एंड चाइल्ड अस्पताल में स्टाफ बढ़ाने का भी आग्रह किया।   बंजार विधायक सुरेंद्र शौरी ने बंजार क्षेत्र में सड़क व्यवस्था को मजबूत करने तथा बिजली की समस्या का समाधान करने के लिए बजौरा सब स्टेशन को सुदृढ़ करने का आग्रह किया। उन्होंने औट-लुहरी सड़क में सुधार लाने और लारजी में वाटर स्पोर्ट्स शुरू करने की मांग भी की। आनी विधायक लोकेंद्र कुमार ने आनी आदर्श स्वास्थ्य संस्थान में सुविधाएं सुदृढ़ करने का आग्रह किया। उन्होंने चिट्टा माफिया पर कड़ी कार्रवाई और ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार के लिए पुलिस कर्मियों की संख्या बढ़ाने की मांग की। उन्होंने बागवानों की सुविधा के लिए क्षेत्र में एंटी हेल गन स्थापित करने की मांग भी की।

मंडी जिले की ये प्राथमिकताएं
करसोग विधायक दीपराज ने बैठक में करसोग आईटीआई और पॉलिटेक्निक कॉलेज के भवन का मामला उठाया। उन्होंने करसोग क्षेत्र में बस सुविधा बढ़ाने और क्षेत्र की सड़कों के निर्माण कार्य में तेजी लाने का आग्रह किया।  सुंदरनगर विधायक राकेश जम्वाल ने सीएचसी निहरी और पीएचसी बलग के भवन निर्माण कार्य में तेजी लाने का आग्रह किया। उन्होंने निहरी के लिए सतलुज से पानी उठाने और डैहर में पानी की सुविधा तथा सुंदरनगर में सीवरेज सुविधा में सुधार लाने की मांग की। उन्होंने आईटीआई डैहर के भवन तथा सुंदरनगर इंडोर स्टेडियम का निर्माण कार्य पूरा करने का आग्रह किया।  नाचन विधायक विनोद कुमार ने क्षेत्र में आपदा से प्रभावित फुटओवर ब्रिज बनाने, डिग्री कॉलेज में बन रहे इंडोर स्टेडियम का निर्माण कार्य जल्द पूरा करने की मांग की। उन्होंने चैलचौक-पंडोह सड़क को सीआरआईएफ के तहत की मांग की। उन्होंने मंडी-जंजैहली सड़क के सुधारीकरण प्रस्ताव को स्वीकृत करने के लिए सरकार का आभार व्यक्त किया।  द्रंग विधायक पूर्ण सिंह ठाकुर ने क्षेत्र की सड़कों में सुधार लाने और क्षेत्र में बस सेवा को बढ़ाने का आग्रह किया। उन्होंने पधर से मंडी फोरलेन के बीच स्थानीय लोगों को हुए नुकसान का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने ज्वालापुर पीएचसी भवन के निर्माण कार्य में तेजी लाने की मांग भी की। जोगिंद्रनगर विधायक प्रकाश राणा ने अपने क्षेत्र में बंद सड़कों को खोलने और विधानसभा क्षेत्रफल के अनुपात में कर्मचारी तैनात करने की मांग की। उन्होंने क्षेत्र में पानी और बिजली की सुविधा में सुधार लाने का आग्रह भी किया।

मंडी जिले के इन विधायकों ने भी बताईं प्राथमिकताएं
धर्मपुर विधायक चंद्रशेखर ने जोगिंद्रनगर-धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र को जोड़ने के लिए निर्माणाधीन लाल बहादुर शास्त्री सेतु का निर्माण कार्य पूरा करने की मांग की। उन्होंने धर्मपुर, संधोल और टिहरा स्वास्थ्य संस्थानों में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार लाने का आग्रह किया। उन्होंने धर्मपुर बस अड्डे को हर वर्ष होने वाले नुकसान को रोकने के लिए योजना बनाने की मांग की। उन्होंने अपने क्षेत्र में दूध के कलेक्शन सेंटर और चिलिंग प्लांट लगाने का आग्रह किया।  बल्ह विधायक इंद्र सिंह गांधी ने विधानसभा क्षेत्र में अधूरे कलवर्ट और पुलों के निर्माण कार्य को जल्द पूरा करने की मांग की। उन्होंने अपने क्षेत्र में पीने के पानी की सुविधा प्रदान करने वाली परियोजनाओं को सुदृढ़ करने का आग्रह किया। मंडी विधायक अनिल शर्मा ने बड़े वाहनों के लिए मंडी बाईपास सड़क का निर्माण करने का आग्रह किया। उन्होंने मंडी जेल को शिफ्ट करने की मांग की। उन्होंने आपदा के दौरान क्षतिग्रस्त पीने के पानी की योजनाओं को छह महीने के भीतर बहाल करने की सराहना करते हुए टारना स्टोरेज टैंक को अन्य स्थान पर शिफ्ट करने की मांग की। उन्होंने कोटली में बिजली की समस्या का समाधान करने का भी आग्रह किया। सरकाघाट विधायक दिलीप ठाकुर ने सिविल अस्पताल सरकाघाट के भवन के अधूरे कार्य को पूरा करने के साथ क्षेत्र में चिकित्सकों के खाली पदों को भरने की मांग की। उन्होंने सरकाघाट क्षेत्र के लिए निर्माणाधीन पेयजल परियोजना का निर्माण कार्य जल्द पूरा करने की बात की। उन्होंने आपदा के दौरान क्षतिग्रस्त सड़कों की हालत सुधारने का आग्रह किया। 

विधायक बलबीर वर्मा ने सैंज-देहा-चौपाल सड़क के सुधारीकरण की मांग रखी
चौपाल विधायक बलबीर वर्मा ने सैंज-देहा-चौपाल सड़क के सुधारीकरण की मांग की। उन्होंने क्षेत्र में सरकारी कार्यालयों में खाली पदों को भरने के साथ बर्फबारी के दौरान विद्युत की बेहतर व्यवस्था के लिए आपूर्ति शिलाई से प्रदान करने की बात की। बैठक में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह, राज्य योजना आयोग के उपाध्यक्ष भवानी सिंह पठानिया, मुख्य सचिव संजय गुप्ता, प्रधान सचिव वित्त देवेश कुमार सहित अन्य प्रशासनिक सचिव, विभागाध्यक्ष तथा वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

शिमला जिले की प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने विधायकों से आग्रह किया कि वह अपनी विकास योजनाओं की प्राथमिकताएं निर्धारित प्रपत्र पर शीघ्र योजना विभाग को दें ताकि उन्हें वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में शामिल किया जा सके। उन्होंने अधिकारियों को विधायकों द्वारा उठाई गई समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने विधायकों से प्रदेश सरकार द्वारा चलाए जा रहे चिट्टा मुक्त हिमाचल अभियान को सफल बनाने के लिए अपना सक्रिय सहयोग देने का आह्वान किया।  रोहड़ू विधायक मोहन लाल ब्राक्टा ने एमआईएस के तहत सेब की रिकॉर्ड खरीद तथा दूध के समर्थन मूल्य में ऐतिहासिक बढ़ोतरी के लिए मुख्यमंत्री का धन्यवाद किया। उन्होंने सीमा कॉलेज में बीएड की कक्षाएं शुरू करने का आग्रह किया तथा क्षेत्र में निर्माणाधीन पेयजल योजनाओं को शीघ्र पूरा करने की मांग की।   शिमला शहरी विधायक हरीश जनारथा ने शिमला शहर में संपर्क मार्ग बनाने व मरम्मत के लिए अलग से बजट प्रदान करने और पेयजल योजना के निर्माण में तेजी लाने का आग्रह किया। उन्होंने शिमला में अंडरग्राउंड डक्ट बनाने के काम में तेजी लाने की मांग भी की। उन्होंने शिमला शहर के सौंदर्यीकरण के लिए चलाई जा रही योजनाओं के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।

जिला कांगड़ा की प्राथमिकताएं
नूरपुर विधायक रणबीर निक्का ने नूरपुर में मदर एंड चाइल्ड अस्पताल का निर्माण कार्य पूरा करने तथा सिविल अस्पताल में डॉक्टरों के पद भरने का आग्रह किया। उन्होंने कांगड़ा जिला की सीमा में अवैध खनन को रोकने के लिए पंजाब के साथ लगती सीमा के क्षेत्रों में निशानदेही करवाने की मांग की। इंदौरा विधायक मलेंद्र राजन ने बरसात में बाढ़ से हुए नुकसान का मामला उठाते हुए प्रभावितों को शीघ्र मुआवजा राशि प्रदान करने की मांग की। उन्होंने बाढ़ की रोकथाम के लिए क्षेत्र में तटीयकरण का कार्य करने का आग्रह किया। उन्होंने डमटाल के राम गोपाल मंदिर की भूमि से खैर की चोरी को रोकने तथा गन्ना किसानों के लिए शूगर पॉलिसी बनाने, इंसेटिव देने और शूगर मिल बनाने की मांग की। जसवां परागपुर विधायक बिक्रम सिंह ने रक्कड़-शांतला सड़क को सीआरआईएफ में डालने की मांग की। उन्होंने कोटला बेहड़ में लोक निर्माण विभाग के अधिशाषी अभियंता कार्यालय भवन के निर्माण कार्य में तेजी लाने का आग्रह किया। साथ ही चनौर औद्योगिक क्षेत्र में विद्युत व्यवस्था को सुदृढ़ करने का अनुरोध किया। ज्वालामुखी विधायक संजय रतन ने ज्वालामुखी में हेलीपोर्ट निर्माण का मामला उठाया। उन्होंने क्षेत्र में पॉलीटेक्निक या आईटीआई खोलने, खुंडियां अस्पताल में सुविधाएं बढ़ाने का आग्रह किया। उन्होंने ज्वालामुखी अस्पताल में बिजली-पानी की व्यवस्था के लिए राशि उपलब्ध करवाने और निर्माणाधीन दो पुलों के निर्माण कार्य को शीघ्र पूरा करने की मांग की। उन्होंने आपदा के दौरान क्षतिग्रस्त सड़कों को ठीक करने के लिए अतिरिक्त धनराशि उपलब्ध करवाने का आग्रह भी किया।
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कांगड़ा जिले के इन विधायकों ने रखीं ये मांगें
सुलह विधायक विपिन सिंह परमार ने बैर खड्ड में निर्माणाधीन दो पुलों को शीघ्र पूरा करने की मांग की। उन्होंने सिविल अस्पताल भवारना, पॉलीटेनिक कॉलेज, आईटीआई रझूं के भवन निर्माण कार्य में तेजी लाने का आग्रह किया। उन्होंने क्षेत्र में कुहलों की मरम्मत करने की मांग भी की। कांगड़ा विधायक पवन काजल ने शिक्षा के स्तर में सुधार लाने और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने का आग्रह किया। उन्होंने क्षेत्र की कुहलों की स्थिति को सुधारने का भी अनुरोध किया। पालमपुर विधायक आशीष बुटेल ने पालमपुर में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयासों के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने नगर निगम क्षेत्र में पानी के बढ़े हुए बिलों का मामला भी उठाया। उन्होंने पालमपुर में राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल और लाइब्रेरी के निर्माण कार्य में तेजी लाने की मांग की तथा क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाएं बढ़ाने का आग्रह किया। बैजनाथ विधायक किशोरी लाल ने होली-उतराला सड़क के निर्माण कार्य में तेजी लाने तथा क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने और खाली पदों को भरने का आग्रह किया। साथ ही बैजनाथ एचआरटीसी डिपो के लिए नई बसों की मांग भी की। राज्य योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष भवानी सिंह पठानिया ने प्राथमिकता बैठकों में भाग लेने के लिए विधायकों का स्वागत किया और कहा कि प्रतिवर्ष इस प्रकार की बैठकों का आयोजन किया जाता है, जो हमारे सशक्त लोकतंत्र का प्रमाण है। बैठक में कृषि मंत्री चौधरी चंद्र कुमार, आयुष मंत्री यादविंद्र गोमा, एचपीटीडीसी के अध्यक्ष रघुबीर सिंह बाली, उप मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया, मुख्य सचिव संजय गुप्ता, प्रधान सचिव वित्त देवेश कुमार तथा विभिन्न विभागों के प्रशासनिक सचिव एवं विभागाध्यक्ष उपस्थित थे।
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