फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

CM Sukhu: नई दिल्ली में खट्टर से मिले सीएम सुक्खू, पीएम ई-बस योजना में पहाड़ी क्षेत्रों को विशेष छूट की मांग

Fri, 16 Jan 2026 08:31 PM IST
अंकेश डोगरा अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।

सार

शुक्रवार को नई दिल्ली में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर से मुलाकात की। जहां सीएम सुक्खू ने पीएम ई-बस सेवा योजना के तहत पहाड़ी राज्यों को विशेष छूट देने की मांग की। पढ़ें पूरी खबर...
 
विज्ञापन
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर से मुलाकात करते हुए। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शुक्रवार को नई दिल्ली में केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर से शिष्टाचार भेंट की। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री को अवगत करवाया कि पीएम ई-बस सेवा योजना के तहत पहाड़ी राज्यों को किसी प्रकार की छूट नहीं दी गई है। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के परिणामस्वरूप ई-बसों के संचालन में अनेक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि योजना के वर्तमान प्रावधानों के कारण हिमाचल प्रदेश इस योजना के तहत लाभ नहीं उठा पा रहा है, जबकि हिमाचल में राज्य सरकार ने ग्रीन मोबिलिटी के तहत अनेक कदम उठाए हैं। उन्होंने केंद्रीय मंत्री को यह भी बताया कि पीएम ई-बस सेवा योजना के तहत राज्य के केवल एक शहर शिमला को शामिल किया गया है। यह योजना दस लाख जनसंख्या वाले शहरों में ही लागू होती है।

विज्ञापन

मुख्यमंत्री ने कहा कि धर्मशाला, मंडी, सोलन, पालमपुर, हमीरपुर, ऊना और बद्दी जैसे शहरी स्थानीय निकाय तेजी से आर्थिक और मानव संसाधन विकास के केंद्र बन रहे हैं। इस बात को ध्यान में रखते हुए हिमाचल प्रदेश को योजना के लाभ लेने के लिए मौजूदा मानदंडों में ढील दी जानी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार चरणबद्ध तरीके से डीजल बसों को इलेक्ट्रिक बसों से बदल रही है। सरकार ने 1500 डीजल बसों को चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक बसों से बदलने का निर्णय लिया है। इस पहल के तहत राज्य सरकार अपने संसाधनों से कैपिटल एक्सपेंडिचर मॉडल की 297 इलेक्ट्रिक बसों की खरीद कर रही है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री से आग्रह किया कि हिमाचल प्रदेश में ऑपरेशनल एक्सपेंडिचर मॉडल के तहत माइलेज को कम कर 150 किलोमीटर तक सीमित करने का आग्रह किया, जो हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्य के लिए एक व्यावहारिक लक्ष्य होगा।
विज्ञापन

उन्होंने वर्तमान संचालन सहायता को 22 रुपये प्रति किलोमीटर से 52 रुपये प्रति किलोमीटर करने का भी आग्रह किया, जिससे राज्य परिवहन निगम बिना हानि के इलेक्ट्रिक बसों का संचालन सुनिश्चित कर सके। उन्होंने हिमाचल प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचपीपीसीएल) के एकीकृत कार्यालय के लिए सुंदरनगर में उपलब्ध 47 बीघा भूमि के हस्तांतरण एवं आवंटन के लिए भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) से अनापत्ति प्रमाण-पत्र प्राप्त करने में सहयोग प्रदान करने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर प्रदर्शन को प्रोत्साहित करने और समान प्रतिपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पूंजी सहायता को वास्तव में प्राप्त माइलेज के आधार पर दिया जाना चाहिए। केंद्रीय मंत्री ने राज्य को हरसंभव सहायता देने का आश्वासन दिया। बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार राम सुभग सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर भी मौजूद रहे।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें