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छात्र नेताओं को सीएम वीरभद्र का कड़ा फरमान

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एचपीयू के स्थापना दिवस समारोह में पहुंचे मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय और कॉलेजों में छात्र राजनीति के नाम पर हिंसा कर माहौल खराब करने वाले छात्रों को निष्कासित किया जाएगा। उन्हें कम से कम तीन साल के लिए निलंबित किया जाएगा।
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उन्होंने विवि प्रशासन को कड़े निर्देश दिए कि परिसर में गुंडागर्दी और हुल्लड़बाजी करने वाले को किसी सूरत में बक्शा न जाए। उन्होंने छात्रावासों में अवैध रूप से रहने वाले छात्र नेताओं को बाहर निकालने और ऐसे छात्रों की मदद करने वालों का आवंटन रद्द करने को कहा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छात्र राजनीति का मतलब यह नहीं कि बाहर के मामलों को लेकर माहौल खराब किया जाए। उन्होंने कहा कि विवि शिक्षकों का चुनाव लड़ने के अधिकार को सरकार अध्यादेश में बदलाव कर समाप्त करने जा रही है। विश्वविद्यालय ऐसे तत्वों को चिन्हित करके उनकी सेवाएं निरस्त करेगा। सीएम ने चेताया कि शिक्षक और छात्र राजनीति से दूर रहें।
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सीएम बोले, दूर होंगी रूसा की खामियां

हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के 45वें स्थापना दिवस समारोह की अध्‍यक्ष्‍ाता करते हुए मुख्‍यमंत्री वीरभ्‍ाद्र सिंह ने कहा कि यूजी में रूसा को लागू करने से पेश आई सभी खामियों को जल्द दूर किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि बेहतर शिक्षा के लिए सरकार हर स्तर पर प्रयास कर रही है। आगे भी कोशिश जारी रहेगी। छात्रों की हर समस्या का निदान किया जा रहा है। रूसा को लेकर जो दिक्कतें हैं, उन पर सरकार गंभीरता से काम करेगी।

इस सिस्टम में विषय चयन, रिजल्ट और परीक्षाओं को लेकर जो भी छात्रों की दुविधा है उसका गंभीरता से समाधान किया जाएगा।
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राज्यपाल ने कहा अच्छे अंक जरूरी नहीं

मुख्यातिथि राज्यपाल और विवि की कुलाधिपति उर्मिला सिंह ने कहा कि शिक्षण संस्थान सिर्फ डिग्री और अच्छे अंक दिलवाने के लिए नहीं होते, संस्थानों में मूल्य आधारित शिक्षा देना भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि समाज के उत्थान में शिक्षा महत्वपूर्ण है।

शिक्षा मनुष्य को ज्ञानवान बनाने के साथ-साथ उनमें प्रगतिशील दृष्टिकोण भी विकसित करती है। उन्होंने कहा कि सही मायनों में शिक्षा का उद्देश्य तब पूरा होता है, जब व्यक्ति को सही अर्थों में ज्ञान प्राप्त हो।

शिक्षकों की बहुत बड़ी जिम्मेदारी होती है। वे समाज और छात्र के लिए आदर्श होते हैं। शिक्षकों की राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका है इसलिए शिक्षक ईमानदारी और समर्पण भावना से उद्देश्य की प्राप्ति के लिए कार्य करें।
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