किन्नौर विधायक नेगी ने प्रस्ताव सदन में लाते हुए कहा, पूर्व सरकार के कार्यकाल में हुए कार्यों की पट्टिकाएं तोड़ने के पीछे शक की सुई सत्तासीन पार्टी के लोगों पर जाती है। किन्नौर में ही 12 पट्टिकाएं तोड़ी गईं।
सदन में भाजपा सदस्य पूर्व सरकार के किए शिलान्यास और उद्घाटन पट्टिकाआें को फट्टे बता रहे हैं। कहीं सत्ता पक्ष के सदस्यों से ही सिग्नल तो नहीं जा रहा है। कहा कि वे सीडी के माध्यम से भी सदन में यह तोड़फोड़ दिखाना चाहते हैं, मगर इस संबंध में मंजूरी नहीं आई।
सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य मंत्री महेंद्र सिंह ने बीच में हस्तक्षेप कर कहा कि सदन का कोई सदस्य ऐसे काम के लिए कोई इशारा नहीं करता। सरकार बदलने के बाद कुछ लोग ऐसी घिनौनी हरकतें करते हैं। पिछली सरकार के समय से जांच होनी चाहिए।
जो स्टोर में शिलान्यास पट्टिकाएं रखीं, उन्हें भी लगवा दें : बिंदल
स्पीकर बिंदल ने सीएम से मामला उठाया कि उनके क्षेत्र में शिलान्यास पट्टिकाओं को स्टोर में रखवाया गया। इन्हें लगवाया जाए। सीएम ने आश्वस्त किया कि जहां ऐसा हुआ है, वहां भी नियमानुसार कार्रवाई होगी।
अनुराग ठाकुर का नाम एक शिलान्यास पट्टिका में गैर हाजिर रहने के बावजूद जोड़े जाने पर मुख्यमंत्री जयराम औैर कांग्रेस विधायक दल के नेता मुकेश अग्निहोत्री में हल्की नोकझोंक हुई।
अग्निहोत्री ने कहा कि एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के साथ सांसद अनुराग ठाकुर गैर हाजिर रहते हैं। इसके बावजूद अनुराग का नाम शिलान्यास की पट्टिका में लिख दिया। मुकेश ने पट्टिका से अनुराग का नाम हटाने का मुख्यमंत्री से सवाल किया।
शिलान्यास पट्टिकाओं की तोड़फोड़ पर किन्नौर के विधायक जगत सिंह नेगी ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर प्रश्न किया। इसका मुख्यमंत्री जवाब दे रहे थे। ठीक उसी बीच हस्तक्षेप करते मुकेश अग्निहोत्री ने यह मुद्दा उठाया।
अग्निहोत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री कार्यक्रम में उपस्थित हों, जो व्यक्ति वहां पर न हो, उसका नाम भी पट्टिका में लिखा गया। क्या इसे हटवाएंगे? इसके जवाब में जयराम ठाकुर ने कहा कि ये तो बाल की खाल उतारने वाली बात है। मैं ये कह रहा हूं कि अनुराग ठाकुर चुने हुए सांसद हैं। उनको कहीं जाना पड़ा। वे पहले दिन मौजूद थे।
मत्स्य एवं पंचायती राज मंत्री वीरेंद्र कंवर ने कहा कि कोल डैम के इर्द-गिर्द सुन्नी क्षेत्र में सैकड़ों स्थानीय लोगों को ही मछली पकड़ने के लाइसेंस दिए जाएंगे। बांध बनने का पानी तत्तापानी और सुन्नी क्षेत्र तक फैला हुआ है।
लाइसेंस देने की प्राथमिकता स्थानीय लोगों को ही दी जाएगी। मंत्री ने यह जानकारी शिमला ग्रामीण के विधायक विक्रमादित्य सिंह के प्रश्न के उत्तर में दी।
विक्रमादित्य ने पूछा था कि सुन्नी में बाहरी राज्यों के लोगों की बस्तियां बन गई हैं।
उन्होंने कहा कि रोजाना मछलियों को पकड़ने के लिए कोल डैम में एक मछली लोडिंग सेंटर मंजूर किया गया। इस केंद्र की अनुमानित लागत 30 लाख रुपये है। सुन्नी में 93 सदस्यीय सहकारी सभा पंजीकृत की गई।
विभाग ने 2.25 लाख मत्स्य बीज को भी सुन्नी क्षेत्र में डाला है। महाशीर और कार्प बिडिंग यूनिट 2.96 करोड़ की लागत से सुन्नी में बनाया जाएगा। इससे कोल डैम में मछलियों के बीज की जरूरत पूरी होगी।
मत्स्य विभाग स्थानीय लोगों को सहकारी सभाओं के माध्यम से रोजगार दे रहा है। इसमें क्षेत्र के 400 परिवारों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा। इनमें 100 परिवार सुन्नी क्षेत्र के ही होंगे।
प्रदेश के सबसे बड़े घोटाले के रूप में सामने आए इंडियन टेक्नोमैक घोटाले का मामला मंगलवार को सदन में गूंजेगा। माकपा विधायक राकेश सिंघा विधानसभा में इस मामले में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव ला रहे हैं। इस मामले में अब तक की सीआईडी जांच में यह बात सामने आई है कि आबकारी एवं कराधान विभाग के अफसरों की चूक
और मिलीभगत के चलते कंपनी प्रबंधन ने प्रदेश सरकार को करोड़ों रुपये का राजस्व का चूना लगा दिया। यही नहीं, फर्जी बिल भुगतान के जरिये भी कई करोड़ रुपये का बिजली विभाग को भी नुकसान पहुंचाया। दोनों ही मामलों की जांच सीआईडी कर रही है।
इसके अलावा सीआईडी की जांच में ही यह बात भी सामने आई है कि कंपनी ने फर्जी बिल तैयार किए और उनकी मदद से फर्जी बिक्री के दस्तावेज तैयार कर बैंकों से करीब चार हजार करोड़ का लोन भी ले लिया। लोन लेने के बाद कंपनी के अधिकारी फरार हो गए। अब सीआईडी की जांच में आए तथ्यों के बाद प्रवर्तन निदेशालय ने भी जांच शुरू कर दी है।