मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में बरसात और कोरोना के चलते सड़कों ही हालत से ज्यादा विपक्ष की दशा खराब है। लॉकडाउन के कारण करीब तीन महीने प्रदेश का विकास प्रभावित हुआ है। बरसात का मौसम जाते ही विकास कार्यों और सड़कों की मरम्मत का काम शुरू कर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने धर्मशाला में कहा कि विभाग खराब सड़कों को ठीक करने के लिए टेंडर तैयार कर ले। कहा कि प्रदेश में आने वाले पर्यटकों की एंट्री निगेटिव रिपोर्ट दिखाने के बाद ही होगी।
निगेटिव रिपोर्ट न होने पर कोरोना टेस्ट करवाना होगा, उसके बाद ही उसे पेड क्वारंटीन किया जाएगा। सीएम ने कहा कि कांगड़ा के सभी मंत्रियों, विधायकों और संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ विकास कार्यों पर समीक्षा बैठक करेंगे। सभी कार्यों को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए जाएंगे। सीएम तीन दिन के लिए जिला कांगड़ा के दौरे पर हैं। वह कांगड़ा के विभिन्न क्षेत्रों में शिलान्यास और उद्घाटन करेंगे।
कांगड़ा जिले के तीन दिवसीय दौरे के पहले दिन मुख्यमंत्री का गगल हवाई अड्डे पर स्वागत किया गया। इस दौरान विस अध्यक्ष विपिन परमार, उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री सरवीण चौधरी, वन मंत्री राकेश पठानिया, सांसद किशन कपूर, विधायक विशाल नेहरिया, अरुण मेहरा, रीता देवी, अर्जुन सिंह, होशियार सिंह, मुल्कराज प्रेमी, रवि धीमान आदि उपस्थित रहे।
समस्याएं सुनाने नहीं आए लोग
धर्मशाला स्थित सर्किट हाउस में प्रशासन ने सीएम तक लोगों की समस्याओं पहुंचाने के लिए पूरी व्यवस्था की थी। बावजूद इसके मात्र तीन-चार प्रतिनिधि ही समस्या लेकर सीएम से समक्ष पहुंचे। करीब दस मिनट में ही मामला खत्म हो गया। सामाजिक दूरी का ध्यान रखते हुए करीब 50 लोगों के बैठने की व्यवस्था की थी।
चीन सीमा तक सड़क कनेक्टिविटी बेहतर बनाएंगे : सीएम
भारत और चीन के बीच सीमा विवाद को लेकर तनातनी को लेकर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि चीन सीमा के साथ सड़क कनेक्टिविटी बेहतर बनाना सरकार की पहली प्राथमिकता है। किन्नौर और लाहौल-स्पीति के साथ चीन की सीमा लगती है। यहां व्यवस्थाएं बेहतर बनाने का काम चल रहा है।
रोहतांग टनल का काम लगभग पूरा होने वाला है। बॉर्डर पर हेलीपैड बनाने के लिए राज्य सरकार सहयोग कर रही है। लाहौल और किन्नौर के लोगों में देशभक्ति का भाव बहुत ज्यादा है। उन्होंने पलायन की बात कभी नहीं की। कुछ समस्याएं हैं, जो जल्द सुलझा ली जाएंगी। प्रदेश में मंदिर खोलने को लेकर 31 अगस्त के बाद विचार किया जाएगा। पंचायत चुनाव समय पर होंगे। हिमाचल में नई पंचायतों का गठन सरकार के विचाराधीन है।