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आउटसोर्स कर्मचारी न नियमित होंगे, न मिलेगा आरक्षण: जयराम

Fri, 31 Aug 2018 07:02 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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प्रदेश के सरकारी विभागों, निगम और बोर्डों में आउटसोर्स पर तैनात कर्मचारी न तो रेगुलर होंगे और न ही इन्हें अनुबंध पर लाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह जानकारी शुक्रवार को विधानसभा में दी। उन्होंने कहा कि सरकार का यह प्रयास रहेगा कि इन कर्मचारियों को शोषण न हो। अगर कंपनियों की ओर से इन कर्मचारियों के शोषण होने की शिकायत मिलती है तो कार्रवाई होगी।

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मुख्यमंत्री ने आउटसोर्स कर्मचारी की तैनाती को लेकर एसी, एसटी और भूतपूर्व सैनिक कोटे की सीटें आरक्षित किए जाने की मांग को खारिज कर दिया। मुख्यमंत्री ने यह जानकारी विधायक राकेश सिंघा और हर्षवर्धन चौहान और विनोद कुमार की ओर से पूछे गए प्रश्न के उतर में दी। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि पूर्व कांग्रेस सरकार ने आउटसोर्स कर्मचारियों को पॉलिसी बनाने के प्रयास किए थे। पीटरहॉफ में इसको लेकर घोषणा की थी।

वह वीडियो भी मैने देखे हैं। चुनावी लाभ लेने को यह सब किया गया। नियम और कानून की पेचिदगियों के चलते ऐसा नहीं हो सका। उन्होंने आउटसोर्स कर्मचारियों को लेकर सुप्रीम कोर्ट का भी हवाला दिया। प्रदेश में 8731 कर्मचारी विभिन्न विभागों, निगम और बोर्डों में आउटसोर्स पर सेवाएं दे रहे हैं।
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इसमें 5048 विभागों, 2893 बोर्डों और 790 निगमों में तैनात है। अगर कंपनी समय पर इन कर्मचारियों को तनख्वाह नहीं देती है तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। कंपनियां इन कर्मचारियों का ईपीएफ काटती हैं, इन कर्मचारियों को मेडिकल लीव के अलावा सरकारी कर्मचारियों की तर्ज पर लाभ दिए जाते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2015 से 2017 तक 225 करोड़ 88 लाख 26 हजार 495 रुपये की राशि सेवा प्रदाता कंपनियों को जारी की गई है।

जवाब बनाने वाले की क्लास लें सीएम : सिंघा
मुख्यमंत्री के जवाब से अंसतुष्ट विधायक राकेश सिंघा ने कहा कि जिस किसी ने यह जवाब बनाया है, मुख्यमंत्री को ऐसे अफसर की क्लास लेनी चाहिए।

पालिसी बनाए सरकार: हर्षवर्धन चौहान
विधायक हर्ष वर्धन चौहान ने कहा कि आउटसोर्स आधार पर तैनात कर्मचारियों का शोषण हो रहा है। उन्होंने इन कर्मचारियों के लिए पॉलिसी बनाने की बात कही जबकि विधायक विनोद कुमार ने आउटसोर्स आधार पर होने वाली नियुक्तियों में एससी, एसटी और ओबीसी को कोटा निर्धारित करने की बात कही।

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भूमि विवाद सुलझने पर मिलेगी सीवरेज सुविधा

सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर ने कहा कि मल निकासी योजना हमीरपुर की प्रशासनिक अनुमोदन एवं व्यय स्वीकृति नवंबर, 2003 में 1263.82 लाख की प्राप्त हुई थी। इसका कार्य पूरा किया जा चुका है।

योजना को 3 जोन में बांटा गया था। इनका कार्य मंजूरी के हिसाब से पूरा किया जा चुका है। आईपीएच मंत्री ने यह जानकारी विधायक नरेंद्र ठाकुर के प्रश्न के उत्तर में दी। 

उन्होंने कहा कि हमीरपुर शहर के छूटे हुए वार्ड नंबर 11 को सीवरेज सुविधा देने के लिए एक अलग योजना की प्रशासनिक अनुमोदन एवं व्यय स्वीकृति 27 जून 2009 को 609.23 लाख की प्राप्त हुई है। इस योजना का 0.57 एमएलडी. क्षमता के मल शोधन संयंत्र का कार्य 98 फीसदी पूरा कर दिया है।

पाइप बिछाने का कार्य लगभग 75 फीसदी पूरा कर लिया है। इस कार्य में कई जगह भूमि विवाद से विलंब हो रहा है। योजना के लिए अब तक 477.09 लाख प्राप्त हुए हैं। इसमें 477.07 लाख खर्चे जा चुके हैं।

चालू वित्त वर्ष में योजना के लिए अभी बजट आवंटित नहीं किया गया है। सीवरेज योजना सुजानपुर की प्रशासनिक अनुमोदन और व्यय स्वीकृति 16 फरवरी, 2005 को 544.68 लाख प्राप्त हुई थी। इस योजना को 2 जोन में बांटा गया है।
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