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हिमाचल में ऊर्जा, पर्यटन क्षेत्र में निवेश संभावनाएं तलाश रहा नार्वे

Wed, 09 May 2018 10:23 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
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मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से नार्वे के राजदूत नील्ज रागनर कामस्वेग ने मुलाकात की। उन्होंने प्रदेश में जलविद्युत तथा पर्यटन क्षेत्रों में नार्वे के निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि हिमाचल में जलविद्युत ऊर्जा क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। नार्वे के पास इस क्षेत्र में अत्याधुनिक तकनीक है, जिससे जल विद्युत ऊर्जा का संपूर्ण दोहन किया जा सकता है। नार्वे हिमाचल में ऊर्जा तथा पर्यटन क्षेत्रों में निवेश के लिए रुचि रखता है।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत तथा नार्वे के बीच सौहार्दपूर्ण संबंध हैं। इन्हें और सुदृढ़ करना आवश्यक है। कहा कि प्रदेश में ऊर्जा की अनुमानित क्षमता लगभग 26 हजार मेगावाट है। सरकार इस क्षेत्र की प्रगति के लिए सार्वजनिक तथा निजी सहभागिता के माध्यम से प्रदेश की ऊर्जा क्षमता का दोहन करने को प्रतिबद्ध है। जयराम ठाकुर ने कहा कि नार्वे की ओर से जल विद्युत तथा नवीकरणीय ऊर्जा संसाधनों में निवेश का हिमाचल स्वागत करेगा।

सरकार प्रदेश में उद्यमियों को निवेश में हरसंभव सहायता देगी। नार्वे के राजदूत ने कहा कि नार्वे विश्व में गैस का तीसरा सबसे बड़ा प्रोत्साहक देश है। नार्वे की 98 प्रतिशत ऊर्जा जरूरतों को जलविद्युत उत्पादन से पूरा किया जाता है। अतिरिक्त मुख्य सचिव मनीषा नंदा तथा नार्वे दूतावास की सेकंड सचिव मार्टा ग्जोट्ज भी उपस्थित थीं।

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कांग्रेस अध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू से मिले नार्वे के राजदूत

हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एवं विधायक सुखविंद्र सिंह सुक्खू से पार्टी मुख्यालय राजीव भवन में भारत में नार्वे के राजदूत नील्ज रागनर कामस्वेग ने मुलाकात की। लगभग एक घंटे तक चली शिष्टाचार भेंट में दोनों के बीच हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट, बागवानी व पर्यटन के क्षेत्र में परस्पर सहयोग को लेकर चर्चा हुई।

सुक्खू ने नार्वे के राजदूत को बताया कि हिमाचल में हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट के क्षेत्र में निवेश की अपार संभावनाएं हैं। हिमाचल प्रदेश ने इस क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है। नार्वे इस क्षेत्र में सरकार के साथ मिलकर निवेश कर सकता है। जिससे रोजगार और आर्थिक प्रगति के रास्ते खुलेंगे। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि पर्यटन हिमाचल को प्रकृति की देन है। राज्य में अनेक पर्यटन स्थल हैं।

सालाना लाखों की संख्या में इन पर्यटन स्थलों पर देशी-विदेशी पर्यटक प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लेने पहुंचते हैं। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सरकारें शुरू से ही काम करती आई हैं। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए अनेक प्रोजेक्ट शुरू किए जा सकते हैं। नार्वे इस क्षेत्र में भी निवेश की संभावनाएं तलाश सकता है। सुक्खू ने कामस्वेग को बताया कि हिमाचल में बागवानी भी किसानों-बागवानों का प्रमुख व्यवसाय है।

इससे पहले राजीव भवन पहुंचने पर नार्वे के राजदूत और नार्वे दूतावास की सेकेंड सचिव मार्टा ग्जोट्ज का सुखविंद्र सिंह सुक्खू, पूर्व सीपीएस रोहित ठाकुर, कांग्रेस कमेटी के कोषाध्यक्ष सुरेंद्र चौहान, प्रदेश प्रवक्ता संजय सिंह चौहान और सोशल मीडिया चेयरमैन राजिंद्र शर्मा ने स्वागत किया। सुक्खू ने कामस्वेग और मार्टा को शॉल और टोपी पहनाकर सम्मानित भी किया।
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