सुक्खू ने कहा कि प्रदेश के सेब बहुल क्षेत्र में लघु, सीमांत और भूमिहीन किसानों के लिए पांच बीघा तक सरकारी भूमि पर कब्जे को लेकर मानवीय आधार पर राहत प्रदान की गई है।
हाईकोर्ट का भी इस पर अंतरिम आदेश आ चुका है। कांग्रेस पार्टी इसका स्वागत करती है, लेकिन बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि प्रदेश की अफसरशाही हाईकोर्ट के आदेशों की भी खुलेआम अवहेलना कर रही है।
दुख की बात है कि सरकार मूकदर्शक बनी हुई है। न तो पूर्व कांग्रेस सरकार की नीति के तहत छोटे किसानों को राहत दे रही है न ही हाईकोर्ट के आदेशों की अनुपालना कराने में दिलचस्पी दिखा रही है। पांच बीघा तक सरकारी भूमि वाले किसानों को किसी सूरत में भूमिहीन न किया जाए।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में प्रदेश के भीतर माफिया को पूरा संरक्षण दिया जाता रहा है। इसके चलते ही अवैध निर्माण हुए। कसौली में मारी गई टीसीपी की महिला अधिकारी की मौत के लिए भी मुख्यमंत्री ने पूर्व कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हुए अवैध निर्माण को
जिम्मेदार ठहराया। मंगलवार को शिमला में बिजली बोर्ड के तकनीकी कर्मचारियों के स्थापना दिवस पर आयोजित समारोह की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने कांग्रेस सरकार पर जमकर पलटवार किया।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने ही अवैध कब्जों को लेकर खुली छूट दी थी। इसके चलते दिन दहाड़े अवैध कब्जे होते रहे और सरकार देखती रही। इसके चलते कोर्ट एवं एनजीटी को अवैध कब्जों को तोड़ने के निर्देश देने पड़े, जिसके कारण महिला अधिकारी की कसौली में जान गई।