अगर सातों दिनों की बात करें तो किसी भी मंत्री और विधायक ने प्रतिदिन एक घंटे से ज्यादा वक्त तक अपना वक्तव्य नहीं दिया। सीएम जयराम ठाकुर ने 29 अगस्त को एक घंटे सात मिनट तक बात की।
31 अगस्त को एक घंटे आठ मिनट और 29 सेकंड बात की। सीएम जयराम ठाकुर ने सबसे लंबा वक्तव्य प्रदेश की पर्यटन नीति पर दिया। उन्होंने नशे के खिलाफ सरकार की मुहिम और अन्य मुद्दों पर भी लंबी बात की।
दैनिक रिकार्ड के हिसाब से मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के बाद सबसे लंबा वक्तव्य मंत्री महेंद्र सिंह ने 28 अगस्त को 42 मिनट 1 सेकंड का दिया। मंत्री अनिल शर्मा ने 28 अगस्त को 35 मिनट 21 सेकंड का दिया। मंत्री सुरेश भारद्वाज ने 28 अगस्त को 27 मिनट 2 सेकंड बात की।
सदन 23 अगस्त को सदन 2 घंटे 21 मिनट और 23 सेकंड चला। 24 अगस्त को तीन घंटे 59 मिनट और 54 सेकंड तक चला। 27 अगस्त को यह चार घंटे 5 मिनट और 39 सेकंड अवधि तक चला। 28 अगस्त को 4 घंटे 20 मिनट और 36 सेकंड चलता रहा।
29 अगस्त को 3 घंटे, 10 मिनट और आठ सेकंड तथा 30 अगस्त को 4 घंटे 45 मिनट और 32 सेकंड तक हुआ। आखिरी दिन सदन 4 घंटे 31 मिनट और 27 सेकंड तक आयोजित हुआ।