उन्होंने कहा कि इन किसानों के खाते में लगभग 28,33,54,000 रुपये जमा किए जाएंगे। अभी तक सूबे में 3,11,553 किसानों ने आवेदन किए हैं। जिन्हें किसान पोर्टल पर अपलोड किए जाने का कार्य चल रहा है।
सीएम ने कहा कि इस योजना का उद्देश्य लघु एवं सीमांत किसानों की वित्तीय आवश्यकताएं पूरा करना है तथा यह योजना किसानों को 6,000 रुपये की नकद सहायता प्रदान करेगी। योजना के तहत दो हेक्टेयर से कम भूमि वाले लघु एवं सीमांत किसानों को उनके खातों में तीन किस्तों में 2,000 रुपये की प्रत्येक किस्त के रूप में प्रदान की जाएगी।
सांसद शांता कुमार ने कहा कि यह योजना केंद्र सरकार की ओर से शुरू की गई एक क्रांतिकारी योजना है, जो किसानों को उनकी कृषि आय में वित्तीय सहायता प्रदान करेगी।
उन्होंने कहा कि पिछले 70 सालों में किसी ने भी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जैसा दूरदर्शी कदम नहीं उठाया है। उन्होंने प्रदेश में इस योजना के शुभारंभ के लिए कांगड़ा जिले को चुनने के लिए मुख्यमंत्री का धन्यवाद किया।
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री किशन कपूर ने कहा कि प्रदेश सरकार ने किसानों की फसलों को जंगली जानवरों से बचाने के लिए कांटेदार तार की बाड़ लगाने पर 50 प्रतिशत उपदान देने की भी घोषणा की है।
कृषि मंत्री डॉ. राम लाल मारकंडा ने मुख्यमंत्री और अन्य गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत करते हुए इस योजना की मुख्य विशेषताओं की भी विस्तृत जानकारी दी। निदेशक कृषि देसराज शर्मा ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री विपिन सिंह परमार, विधायक प्रकाश राणा, कुलपति चौधरी सरवन कुमार कृषि विश्वविद्यालय, पालमपुर डॉ. अशोक, उपायुक्त संदीप कुमार सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।