प्रश्न - आपकी सरकार को एक माह बीत गया है। अभी तो सरकार स्वागत सत्कार में व्यस्त दिख रही है?
जयराम - ऐसा नहीं है। नई सरकार के गठन पर स्वागत, अभिनंदन का दौर चलता रहा, लेकिन हमने पहले दिन से काम भी शुरू कर दिया। मंत्रिमंडल का गठन हुआ।
पहला विधानसभा सत्र आयोजित किया। कैबिनेट की बैठकें हुईं, जिसमें जनहित में कई फैसले लिए। सरकार की प्राथमिकताओं के हिसाब से प्रशासनिक तैनातियां की गईं। हम जल्दबाजी में नहीं हैं। मैं काम अधिक और शोर कम करता हूं।
प्रश्न - अभी तक की अपनी सबसे बड़ी उपलब्धि क्या मानते हैं?
जयराम - सरकार का पहला फैसला ओल्ड एज पेंशन स्कीम का था। अब 70 वर्ष के बुजुर्गों को प्रतिमाह 1250 रुपये मासिक पेंशन मिलेगी। एक्सटेंशन पर चल रहे लोगों को हटाया। गोवंश संरक्षण के लिए मंत्रिमंडल की उपसमिति गठित की।
पूर्व सैनिकों की सरकारी सेवाओं में आने पर सीनियोरिटी के विषय पर बड़ा फैसला लिया। सबसे बड़ी बात यह है कि हमने अपने लिए 100 दिन का लक्ष्य रखा है। विकास का रोडमैप बनाया जा रहा है। कानून व्यवस्था की बिगड़ी स्थिति को सुधारने के लिए सरकार ने गुड़िया और होशियार हेल्पलाइन शुरू करने पर
काम शुरू कर दिया है। शिमला, मंडी, धर्मशाला पुलिस रेंज में विशेष सेल बनेगा, जिसकी मॉनीटरिंग मुख्यमंत्री कार्यालय में बनने वाला एक विशेष सेल करेगा। हर मामले पर 48 घंटे में एक्शन टेकन रिपोर्ट (एटीआर) ली जाएगी। एनएच निर्माण के लिए परामर्शी सेवाएं तय
प्रश्न - ऐसा क्यों हुआ कि कुछ फैसलों पर सरकार को रोलबैक करना पड़ा ?
जयराम - हम जल्दबाजी में बिलकुल नहीं हैं। राजस्व विभाग में पुनर्नियुक्ति वाले पटवारियों को हटाया गया, लेकिन जब व्यवस्था बिगड़ी तो सरकार ने फिलहाल के लिए व्यवस्था को जारी रखने का निर्णय लिया।
पटवारी सीधे जनता से जुड़े हैं। उनके पास कई तरह के सर्टिफिकेट बनाने की जिम्मेदारी है। सरकार यह कभी नहीं चाहेगी कि जनता की सुविधा के लिए बनी व्यवस्था किसी निर्णय से असुविधा में तब्दील हो जाए। जल्द ही पटवारियों का नया बैच आ रहा है, जिसके बाद पुनर्नियुक्ति व्यवस्था समाप्त होगी।
प्रश्न - अब सरकार की अगली परीक्षा बजट है। क्या खास रहेगा इस बजट में ?
जयराम - सरकार प्रदेश के लिए बेहतर बजट लाएगी। बजट में क्या खास रहेगा, इसका उल्लेख करना उचित नहीं है। विजन डॉक्यूमेंट की हमारी प्राथमिकताएं हैं, जिसमें से कुछ इस बजट में आपको दिखाई भी देंगी। भ्रष्टाचार मुक्त प्रदेश बनाने के साथ तबादला माफिया, वन माफिया जैसे हर तरह के माफियाराज को खत्म करने की झलक बजट में दिखेगी।
प्रश्न - इतनी बड़ी संख्या में प्रशासनिक फेरबदल की कोई खास वजह?
जयराम - प्रशासनिक फेरबदल एक रुटीन प्रक्रिया है, जो हर सरकार के बनने पर होती है। सरकार ने अपनी प्राथमिकताओं के आधार पर तबादले किए हैं, जिससे हमारे 100 दिन के विकास रोडमैप का तेजी से अनुपालन हो सके।
प्रश्न - टायर्ड और रिटायर्ड के आप विरोधी हैं। पर आपने भी कुछ पुनर्नियुक्तियां कीं हैं?
जयराम - सरकार ने साफ कर दिया है कि पुनर्नियुक्तियां नहीं मिलेंगीं। पूर्व सरकार की तरह अंधाधुंध पुनर्नियुक्तियां प्रदेश हित में नहीं थीं। कुछ तकनीकी कारणों से हमने इक्का दुक्का पुनर्नियुक्तियां दीं हैं, लेकिन मेरिट के आधार पर ही ऐसा किया है।
यह बात सही है कि स्थानांतरण माफिया बेहद सक्रिय है, लेकिन सरकार इसके लिए एक कारगर योजना बना रही है। अभी इसका खुलासा नहीं कर सकता, लेकिन आने वाले समय में स्थानांतरण प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए नीतिगत फैसला आएगा।
प्रश्न- राज्य की माली हालत ठीक नहीं है। केंद्र से मदद पाने को क्या योजना तैयार की गई है?
जयराम - केंद्र से हमें पूरे सहयोग का आश्वासन है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात हुई तो उन्होंने कहा कि जल्दबाजी में कोई काम नहीं करना है। इसलिए योजनाबद्ध तरीके से हम काम कर रहे हैं।
हमारी खराब वित्तीय स्थिति पिछली सरकार की देन है। 46500 करोड़ का कर्ज है। खराब आर्थिक स्थिति के चलते हमें भी कर्ज लेना पड़ रहा है, लेकिन केंद्र से प्री बजट बैठक में हमें कई तरह के आश्वासन मिले हैं। पर्यटन, राष्ट्रीय राजमार्ग, रेलवे के लिए हमें विशेष सहयोग मिलेगा।