आपसी ऐडजस्टमेंट करवाने वाले शिक्षकों की कार्यप्रणाली को लेकर हजारों शिक्षकों में रोष भी है। नई सरकार बनने के बाद इस मामले को कई शिक्षक संगठन शिक्षा मंत्री के समक्ष भी उठा चुके हैं। ऐसे में सरकार भी कुछ शिक्षकों को खुश करने के लिए हजारों शिक्षकों को नाराज करने का जोखिम नहीं उठाना चाहती।
प्रदेश के शिक्षा मंत्री का जिम्मा संभालते ही सुरेश भारद्वाज ने शिक्षकों के तबादले करने के लिए एक विशेष पोर्टल बनाने की घोषणा की है। घोषणा को पूरा करने के लिए विभागीय अधिकारी इन दिनों हरियाणा और कर्नाटक के मॉडल को स्टडी कर रहे हैं।
शिक्षा मंत्री के मुताबिक तीन साल का सेवाकाल पूरा होते ही सॉफ्टवेयर के माध्यम से शिक्षकों के तबादले हो जाएंगे। एक बार हुए तबादले बदले भी नहीं जाएंगे।