मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने वर्चुअल माध्यम से डॉ. वाईएस परमार बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी के 37वें स्थापना दिवस पर कहा कि प्रदेश ने बागवानी क्षेत्र में आशातीत प्रगति की है। यह क्षेत्र कृषि अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहित करने में अहम घटक बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि कृषि उत्पादन में बागवानी क्षेत्र का योगदान लगभग 33 प्रतिशत है। केवल सेब का ही वार्षिक कारोबार पांच हजार करोड़ रुपये से अधिक का है। उन्होंने कहा कि कृषि और बागवानी क्षेत्र रोजगार सृजन, पोषण सुरक्षा और गरीबी उन्मूलन कार्यक्रमों में निरंतर अपनी अहम भूमिका निभा रहे हैं।
उन्होंने आग्रह किया कि विवि प्रशिक्षित मानव संसाधन और नवीनतम तकनीक का सृजन कर इस तकनीक और ज्ञान को किसानों तक पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने नई शिक्षा नीति-2020 के क्रियान्वयन के लिए एक टास्क फोर्स का भी गठन किया है। जयराम ठाकुर ने कहा कि डॉ. वाईएस परमार विश्वविद्यालय जैसे उच्चतर शैक्षणिक संस्थान नवीनतम ज्ञान और तकनीक विकसित करने और कृषि समुदाय तक इनकी पहुंच बनाने में सहायक सिद्ध हो रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय से जारी अटल नवाचार सूची में विवि को ए-ग्रेड दिया गया है।
भारतीय कृषि अनुसंधान से मान्यता प्राप्त कृषि विश्वविद्यालय की सूची में इसे 11वां स्थान प्राप्त है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर आठ करोड़ की लागत से निर्मित इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोपी लैब का लोकार्पण किया। विवि कुलपति डॉ. परविंदर कौशल ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियां बताईं। जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर, वन मंत्री राकेश पठानिया और विधायक कर्नल धनीराम शांडिल नौणी विवि परिसर से और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. राम लाल मारकंडा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. राजीव सैजल, राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष रणधीर शर्मा मुख्यमंत्री के साथ शिमला से उपस्थित थे।