इससे पहले 18 जनवरी को भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष राजीव बिंदल की ताजपोशी समारोह में मंच पर मौजूद मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के साथ सांसद अनुराग ठाकुर के हाथ न मिलाने का वीडियो भी खूब चर्चा में रहा था।
दरअसल अनुराग जब मंच पर आए तो वह पहले भाजपा प्रदेश प्रभारी मंगल पांडे से मिले, लेकिन उनके बगल में हाथ बढ़ाए खड़े सीएम जयराम से हाथ मिलाने के बजाय तीसरे नंबर पर खड़े राजीव बिंदल के गले लग गए।
मुख्यमंत्री की ढलियारा में जनसभा के दौरान बगलामुखी मंदिर के ट्रस्ट पर सवाल उठाए गए। यह सवाल किसी और ने नहीं, बल्कि केंद्रीय राज्य वित्त मंत्री अनुराग ठाकुर और पूर्व मंत्री रविंद्र रवि ने उठाए। जनसभा के मंच से पहले रविंद्र रवि ने आरोप लगाया कि करोड़ों की कमाई वाले बगलामुखी मंदिर को आखिर एडीबी के तहत 3 करोड़ रुपये क्यों दिए गए? रवि ने आरोप लगाया कि बगलामुखी मंदिर के ट्रस्ट के नाम पर धांधली हो रही है। एशियन डेवलपमेंट से जारी बजट का दुरुपयोग हो रहा है। इस मंदिर का सरकार को अधिग्रहण करना चाहिए, ताकि ज्वालाजी, चिंतपूर्णी और बज्रेश्वरी मंदिर की तरह पारदर्शी तरीके से इसके पैसे का प्रयोग हो।
रवि के भाषण के बाद जब अनुराग ठाकुर मंच पर आए तो उन्होंने कहा कि रविंद्र रवि की ओर से उठाया गया मामला चिंताजनक है। एडीबी का पैसा तो पर्यटन के विकास में लगना चाहिए। मंदिर के ट्रस्ट के गठन और और उसकी गतिविधियां देखी जानी चाहिए। मंदिर के पैसे का लाभ गरीब जनता को मिलना चाहिए। सरकार को बगलामुखी मंदिर का अधिग्रहण करना चाहिए। सीएम जयराम ठाकुर ने कहा कि बगलामुखी मंदिर के संदर्भ में विचार करके कोई रास्ता निकाला जाएगा।